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खेल मनोविज्ञान के बिना प्रदर्शन में सुधार संभव नहीं

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वाराणसी। बीएचयू के शारीरिक शिक्षा विभाग में खेल प्रशिक्षण पर चल रही सात दिवसीय कार्यशाला के तीसरे दिन खेल मनोविज्ञान सहित कई बिंदुओं पर वक्ताओं ने चर्चा की। इस दौरान खेल मनोवैज्ञानिक डॉ. अनुराधा सोलंकी ने हॉकी, क्रिकेट, कबड्डी, वालीबॉल, एथलेटिक्स आदि खेलों में खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन के लिए खेल मनोविज्ञान को उपयोगी बताया। कहा कि खेल मनोविज्ञान के बिना खेल प्रदर्शन में सुधार संभव नहीं है।
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भारत के युवा मामलों एवं खेल मंत्रालय के सहयोग से एडवांस ट्रेनिंग मेथड्स एंड स्पोर्ट्स कोचिंग के नए रुझानों के अभिविन्यास विषयक कार्यशाला में डॉ. अनुराधा सोलंकी ने कहा कि 90 प्रतिशत गेम मनोविज्ञान तकनीकों के माध्यम से ही जीते जाते हैं। यही कारण है कि खेल के विकास में खेल मनोविज्ञान बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने खेल मनोविज्ञान के उपकरणों और उसके उपयोग की विधियों के बारे में भी विस्तार से बताया। बीएचयू सांख्यिकी विभाग के प्रो. ज्ञान प्रकाश सिंह ने खेल के आंकड़ों के उपयोग पर चर्चा करते हुए उनका महत्व भी बताया। इसके साथ ही मीन, मध्य और मोड के बारे में विस्तार से बताया। गुरुवार से एंफीथिएटर मैदान में खेलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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