सीतामढ़ी। गंगा के जल स्तर में उतार चढ़ाव जारी है। जगह- जगह हो रही बारिश से गंगा का जल स्तर पिछले 20 दिनों से कभी कम तो कभी ज्यादा हो रहा है। खास बात यह है कि जल स्तर में न तो भारी कमी हो रही हैं और न ही बहुत अधिक बाढ़ जैसी स्थिति आई लेकिन कोनिया के छेछुआ-भुर्रा इलाके में अब भी कटान हो रही है। गंगा का जल स्तर करीब 76 मीटर के आसपास बना हुआ है। सूबे में भारी बारिश के साथ अन्य नदियों से पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर त 20 दिनों से कभी बढ़ रहा है तो कभी स्थिर हो रहा है। अब अगर भारी मात्रा में नदियो से पानी गंगा में छोड़ा गया तो गंगा का जल स्तर ऊफान पर आ सकता है। गंगा में पानी काफी अधिक है जिसके चलते कोनिया में गंगा कटान जारी है। दो दिन से चल रहे पुरुआ हवा से गंगा में उठ रही लहरों ने किसानों को मुश्किले और अधिक बढ़ा दी है। पुरुआ हवा के प्रभाव से गंगा कटान तेज हो जाता है। छेछुआ और भुर्रा के किसानों की खेती की जमीने गंगा की धारा रोज रेत रही है। धीरे धीरे हो रहे कटान से किसान परेसान है लेकिन कटान रोकने के लिए उनके सामने कोई उपाय नही है। इसलिए कोनिया के किसान अपनी बर्बादी को ही अपनी बदकिस्मती मान चुप चाप बैठ गए है। किसानों का कहना है कि जब उनकी समस्या समाधान के लिये सरकार और जिला प्रशासन कुछ करना ही नही चाहता तो हमारे पास और कोई चारा ही नही है। शुक्रवार को जल स्तर 75.600 मीटर पर स्थिर हो गया था लेकिन शनिवार को पुन: जल स्तर में बढ़ोत्तरी होने लगी और हर घंटे 2 सेंटी मीटर की बृद्धि दर्ज की गयी और जल स्तर 75.790 मीटर पर पहुंच कर शाम तक स्थिर हो गया।