भदोही। वर्ष 2025 तक क्षय रोग को पूरी तरह समाप्त करना है। इसमे अब निजी चिकित्सकों की भी सहायता ली जाएगी। इसके लिए निजी चिकित्सकों की भी कुछ जिम्मेदारियां तय की जा रही है। सितंबर माह में ही केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना का भी शुभारंभ होने जा रहा है जिसमे निजी अस्पतालों को भी पैनल में शामिल किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। ये बातें बीती रात स्टेशन रोड स्थित एक प्रतिष्ठान में हुई इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सतीश सिंह ने कही। सीएमओ ने कहा कि क्षय रोग के उन्मूलन में निजी चिकित्सकों का सहयोग अहम है। बताया कि उनके यहां आने वाले क्षय रोगियों का बकायदा रजिस्टर मेंटेन करना होगा। और ऐसे रोगियों के बारे में सूचना पोर्टल के माध्यम से जिला स्वास्थ्य विभाग को देंगे। ऐसी ही नीति उन 18 रोगों के बारे में बनाई गई है जिनसे महामारी फैलती है। इस बारे में सीएमओ ने साफ किया कि प्रत्येक सप्ताह सभी निजी चिकित्सक ऐसो रोगियों के बारे में सूचना देंगे। चिकित्सकों को यह भी बताया गया कि 23 सितंबर से आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना का शुभारंभ होने जा रहा है। इसके तहत पोर्टल के माध्यम से निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध करने का काम चल रहा है। उन्होंने चिकित्सकों से समस्त विवरण के साथ आवेदन करने का आह्वान करते हुए सहयोग मांगा। आईएमए के अध्यक्ष डा.एके गुप्ता ने कहा कि देश को क्षयमुक्त करने में आईएमए हर प्रकार से सहयोग के लिए तत्पर है। कहा कि इसके लिए जो आवश्यक सूचनाएं होंगी उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने आईएमए की ओर से इस बात के प्रति आश्वस्त भी किया कि क्षय रोग से मुक्ति हो या आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना। वे सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करेंगे। बैठक का संचालन डॉ. आरके पटेल ने किया। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एसपी सिंह, डॉ. आरके पटेल, डॉ. संतोश उमर, डॉ. पीएस दूबे, डॉ. केपी जायसवाल, डॉ. अजीत पाठक, डॉ. सीएन बिंद, डॉ. अरशद अंसारी, डॉ. एसपी गुप्ता, डॉ. अश्विनी मौर्य, डॉ. मुमताज अहमद, डॉ. चिन्मय हर्ष आदि ने विचार व्यक्त किए।