वाराणसी। सेतु निगम के अधिकारियों ने जिला प्रशासन से सिफारिश की है कि लहरतारा-कैंट मार्ग को नो स्टापेज और नो ओवरटेकिंग जोन बनाया जाए। ताकि निर्माण कार्य के दौरान चौकाघाट फ्लाईओवर पर हादसे की पुनरावृत्ति न होने पाए। इसके लिए सेतु निगम के अधिकारियों ने पूरे निर्माण कार्य क्षेत्र के साथ फुलवरिया फोरलेन निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। अब सेतु निगम को मुंबई टीम से आई सेफ्टी टीम की सर्वे रिपोर्ट का इंतजार है। इसी रिपोर्ट पर आगे का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
काम शुरू करने से पूर्व अधिकारियों ने बारीकी से अध्ययन किया। अधिकारियों का मानना है कि हादसे वाले मार्ग को चालू करने से पूर्व हर पहलू पर विचार किया जा रहा है। इस इलाके में वाहनों को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करने की जरूरत है। नो स्टापेज और नो ओवरटेकिंग जोन बन जाएगा तो कोई वाहन यहां रुकेंगे नहीं और न ही दूसरे वाहन को ओवरटेक करेंगे। इस काम में यातायात विभाग की मदद ली जाएगी। सेतु निगम के महाप्रबंधक एके श्रीवास्तव ने कहा कि निरीक्षण करके रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसे जिला प्रशासन को भेजा जाएगा। सेफ्टी और ट्रैफिक मैनेजमेंट की टीम अध्ययन कर रही है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्ययोजना बनाई जाएगी।