वाराणसी। डीरेका परिसर में रविवार को ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह आयोजन’ में 117 जोड़े एक-दूजे के हो गए। ये सभी जिले के ही अलग-अलग क्षेत्रों के निवासी हैं। केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार और प्रदेश के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या की मौजूदगी में रीति-रिवाज से विवाह की सभी रस्में पूरी कराई गईं। 110 जोड़ों ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए, वहीं सात मुस्लिम जोड़ों की निकाह की रस्में हुईं। गरीबी के चलते बेटी की शादी के लिए वर्षों से चिंता में डूबे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को यह आयोजन खुशियों को सौगात दे गया। सभी नव दपंतियों को सरकार की तरफ से दस हजार रुपये मूल्य के उपहार दिए गए।
बड़ागांव निवासी उस्मान अली दो साल से बेटी की शादी के लिए परेशान थे। आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से वह चिंता में थे कि किस तरह जुगाड़-जतन किया जाए। प्रदेश सरकार ने उनकी राह आसान की। डीरेका में हुए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह आयोजन में उस्मान की बेटी रेहाना का निकाह बेलाल अहमद के साथ हुआ। रेहाना की तरह 117 कन्याओं को उनका जीवन साथी मिला। डीरेका मैदान पर वर और वधू दोनों पक्षों के लोग पहुंचे थे। ब्लॉक वार पंडाल बनाए गए थे। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और प्रदेश के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने विवाह की रस्में पूरी होने के बाद वर और वधू को आशीर्वाद दिया। जिन मुस्लिम जोड़ों ने निकाह रचाया, उनमें रिजवाना बानो-मनुदीन अंसारी, रेहाना बानो-बेलाल अहमद, अप्सरी बानो-ताहिद अंसारी, चांदनी-इमरान अहमद, जासमिन-सलमान, नीलोफर-नौसाद अली और रूबी-इसहार अंसारी शामिल थे। निकाह कराने के लिए मौलाना बुलाए गए थे। काशी विद्यापीठ के गौरी और संजीत, चिरईगांव के जितेंद्र-प्रमिला समेत अन्य नव दंपतियों को आशीर्वाद देने मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, डीएम योगेश्वर राम मिश्र समेत अन्य अधिकारी भी पहुंचे। हर ब्लॉक के पंडाल में समाज कल्याण विभाग के एक-एक अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई थी। विवाह स्थल पर ही सभी वर-वधू की शादी का रजिस्ट्रेशन भी कराया गया। उपहार स्वरूप इन्हें बर्तन, बिस्तर समेत गृहस्थी के अन्य सामान दिए गए।