वाराणसी। मुकदमा दर्ज होने के बावजूद खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज टिकरी और तारापुर गांव के लोगों ने दूसरे दिन शनिवार को भी विरोध प्रदर्शन किया। दोनों ग्राम प्रधानों के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने टिकरी तिराहे पर धरना दिया। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध खनन का कारोबार फल-फूल रहा है। कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक आंदोलन चलता रहेगा।
ग्रामीणों संग धरने पर बैठे टिकरी के ग्राम प्रधान सुशील कुमार सिंह का कहना था कि खनन माफिया का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि गंगा किनारे बने मिट्टी के तट बंध को भी काट दिया है, जिससे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। पिछले दिनों खनन माफिया के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, अवैध खनन से जो बालू डंप की गई है वह उड़कर खेतों में जमा हो रही है, जिससे फसलों को नुकसान हो है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कार्रवाई का झूठा आश्वासन देकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। वहीं, तारापुर के प्रधान कैलाश ने कहा कि ओवरलोड गाड़ियों के आवागमन से गांव की सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। धरने में संतोष कुमार सिंह, धनंजय सिंह, जयप्रकाश, अजीत, कौशलेश, कल्लू महाराज, भरत गोड़, सूरज सिंह आदि शामिल थे।