वाराणसी/बाबतपुर। हाजियों की वापसी से गुरुवार को पूरा मंजर ही पुरनूर हो उठा। एयरपोर्ट से लेकर घरों तक हर ओर नूरानी रंग छाया हुआ था। हाजियों से हाथ मिलाने, गले मिलने और मुसाफा करने के लिए लोगों में जैसे होड़ मची हुई थी। हज जैसे मुकद्दस सफर से करीब डेढ़ महीने बाद लौटे अपनों को देखकर लोगों की आंखेें अश्कबार हो उठीं थीं। माथे और हाथों को चूमकर हाजियों की दुआ लेने के लिए लोग बेचैन थे। एयरपोर्ट से लेकर घर तक न जाने कितने लोगों ने फूल माला से हाजियों का इस्तकबाल किया और उनकी दुआएं लीं।
करीब सवा महीने पहले हज पर गए जाइरीन की वतन वापसी का सिलसिला गुरुवार से शुरू हो गया। सुबह पांच बजे की फ्लाइट की बजाय दो घंटे देरी से पहुंची फ्लाइट्स से हाजियों का पहला जत्था बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचा। हाजियों को लेने के लिए उनके घर वाले और नाते रिश्तेदार सुबह ही एयरपोर्ट पहुंच गए थे। दूसरे जिलों के हाजियों के लेने के लिए उनके परिजन रात में ही एयरपोर्ट पहुंच गए थे। उन्होंने पार्किंग एरिया में रात गुजारकर हाजियों का इंतजार किया। फ्लाइट की देरी ने घरवालों की बेकरारी जैसे और बढ़ा दी थी। सुबह सात बजकर पांच मिनट पर हाजियों की पहली फ्लाइट एयरपोर्ट पहुंची। इस दौरान एयरपोर्ट परिसर नारे तकबीर, अल्लाह-ओ-अकबर के नारों से गूंज उठा। हाजियों का इस्तकबाल फूल मालाओं से किया गया। उनके इस्तकबाल के लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया के सदस्य डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद, डॉ. अकबर अली, हाजी रईस अहमद, निदेशक अनिल कुमार मिश्रा, एसके झा मौजूद रहे। हाजियों को कोई समस्या न हो इसे ध्यान में रखते हुए एसडीएम पिंडरा डॉ. एनएन यादव, सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट सुब्रत झा, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विजय प्रताप यादव, असिस्टेंट कमांडेंट रवि रंजन, टर्मिनल प्रबंधक संतोष चौबे, शंभु नाथ सुबह से ही वहां मौजूद थे।