वाराणसी। बीएचयू में नियुक्ति प्रक्रिया में आरक्षण नियमों और रोस्टर प्रणाली में गड़बड़ी की शिकायत पर कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी गुरुवार को संसदीय समिति के समक्ष पेश हुए। संसद भवन में आयोजित बैठक में ओबीसी की पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी समिति ने उनसे इस मामले में जवाब मांगा है। पूछा है कि नियुक्ति प्रक्रिया में रोस्टर प्रणाली किस आधार पर लागू की गई है। सूत्रों की मानें तो संसद की इस बीस सदस्यीय समिति ने बीएचयू के एससी/एसटी, ओबीसी के प्रो. लालचंद प्रसाद, प्रो. एमपी अहिरवार, प्रो. जेबी कोमरैया, प्रो. आरएन खरवार आदि के पत्रों के साथ ही अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ वर्ग संघर्ष समिति की शिकायतों व मीडिया में छपी खबरों को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की है और इसी मामले में अपना पक्ष रखने के लिए कुलपति को बुलाया था। इस बैठक में बीएचयू समेत दिल्ली यूनिवर्सिटी और हैदराबाद यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया है। उधर जानकारों का ये कहना है कि ये बैठक साल में एक बार होती है जिसमें ओबीसी वर्ग के छात्र-छात्राओं शिक्षकों के कल्याण के लिए चलने वाली योजनाओं, स्कालरशिप आदि का कितना अनुपालन हो रहा है, इसकी समीक्षा की जाती है।