वाराणसी। शहर के बड़ी गैबी में डायरिया फैलने की खबर से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए हैं। पिछले तीन चार दिनों से यहां लोग उल्टी-दस्त से परेशान हैं। बुधवार को गंभीर हालत में इलाज के दौरान यहां डेढ़ साल की बच्ची लाली की मौत होने से विभाग में हड़कंप मचा है। तीन दिन पहले वह इलाहाबाद से अपनी मां के साथ मामा प्रवीण पांडेय के घर आई थी।
दूषित जलापूर्ति और गंदगी की वजह से शहर के कई इलाकों में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इसको लेकर लोगों में गुस्सा है। नगर निगम की ओर से नियमित मानीटरिंग भी नहीं की जाती है। यही वजह है कि जगह-जगह सीवर का पानी खुलेआम बहता है और कूड़े का ढेर लगा है। लोग दूषित पानी पीने को मजबूर है लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं गया। इसी लापरवाही की वजह से डायरिया फैल रहा है। उधर मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के ओपीडी में आने वालों में पेट संबंधी बीमारी के मरीज भी इस क्षेत्र से अधिक पहुंच रहे हैं। बता दें कि पिछले साल इसी इलाके में जगह-जगह जलजमाव से डेंगू का प्रकोप फैला था, जिससे कई गंभीर मरीजों को अस्पतालों में भर्ती करना पड़ा था। सीएमओ ने बताया कि मौके पर चिकित्सकों की टीम भेजी गई।