वाराणसी। लगातार कई दिनों से हो रही बारिश ग्रामीण इलाकों में आफत साबित होने लगी है। मंगलवार की रात और बुधवार को तेज बारिश के दौरान आधा दर्जन कच्चे मकान ढह गए। सेवापुरी, मिर्जामुराद, पिंडरा और चौबेपुर क्षेत्र में हुए इन हादसों में मकान के मलबे में दब कर सात लोग जख्मी हो गए। इनमें पांच लोगों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, मिर्जामुराद क्षेत्र के कई गांवों में एक दर्जन पेड़ भी धराशायी हो गए।
जंसा थाना क्षेत्र के तेलारी गांव में मंगलवार की रात बारिश के चलते संतोष कुमार का कच्चा मकान गिर गया। घर में सो रहे संतोष कुमार (32), अंजू देवी (28), आनंद (5), दीक्षा (8) और शुभम (7) मलबे में दब कर घायल हो गए। चीख-पुकार सुनकर ग्र्रामीण मौके पर पहुंचे और सबको मलबे से बाहर निकाला। इसके बाद घायलों को निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां सभी का इलाज चल रहा है। वहीं, मलबे में बदने से गृहस्थी का सारा सामान नष्ट हो गया।
चौबेपुर क्षेत्र के परानापुर गांव में बुधवार की भोर चंदा यादव का मकान कर गिर गया। घर में सोई हुई चंदा मलबे में दब कर घायल हो गई। पड़ोस के लोगों ने मौके पर पहुंच कर उसे मलबे से बाहर निकाला और अस्पताल में इलाज कराया। वहीं, पिंडरा क्षेत्र के काशीपुर में सुबह जच्चा-बच्चा केंद्र का छप्पर ढह गया, जिससे वहां मौजूद एएनएम सुषमा देवी (42) के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। गंभीर हालत में उसे गंभीर हालत में दीनदयाल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी तरह मिर्जामुराद क्षेत्र के बेनीपुर, कल्लीपुर, मेंहदीगंज, खजुरी, अदमापुर, लच्छापुर, निगतपुर, मनकइया गांव में आम, महुआ और नीम के एक दर्जन पेड़ धराशायी हो गए। वहीं, बेनीपुर गांव में अरविंद पटेल और लच्छापुर में रविशंकर के मकान की दीवारें गिर गईं।
वहीं, खस्ताहाल सड़कें जलभराव होने ताल-तलैया नजर आ रही हैं। पानी भरे गड्ढों पर गिरकर राहगीर चोटिल हो रहे हैं। साथ ही जाम की समस्या भी उत्पन्न हो गई है। लगातार बारिश के चलते बुधवार को चिरईगांव के ढाब इलाके में सोता पर बने पुल के एप्रोच मार्ग की सड़क करीब दो फुट तक धंस गई। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे भी हो गए हैं। इसके चलते राहगीरों और क्षेत्र के लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, पिंडरा में वाराणसी-जौनपुर मार्ग पर जलभराव से आए दिन जाम लगता है। बुधवार को दोपहर बाद वाहन फंसने सेे लंबा जाम लग गया। करीब तीन घंटे तक लोग जाम में फंसे रहे। पुलिस की निष्क्रियता से समस्या गंभीर होते देख स्थानीय लोगों ने गड्ढे में फंसे वाहनों को बाहर निकाला तब शाम तक यातायात सामान्य हो सका। आजमगढ़-वाराणसी मार्ग की भी यही हालत है। बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने से पैदल राहगीर और वाहन सवार आए दिन गिर कर चोटिल हो रहे हैं।