वाराणसी। रामनगर स्थित राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह में किशोरों द्वारा दो घंटे तक किए गए उपद्रव के पीछे प्रथम दृष्टया यहां के अधीक्षक सहित कर्मचारियों की नाकामी मानी गई है। इसी के आधार पर अधीक्षक क्षमानाथ राय, पर्यवेक्षक चंद्रबली प्रसाद और केयरटेकर भोलानाथ, बृजेश कुमार सिंह व हरि प्रसाद का प्रदेश सरकार ने तत्काल प्रभाव से गैर जनपद तबादला करते हुए उन्हें जिला छोड़ने का निर्देश दिया गया है। नए अधीक्षक के तौर पर मिथिलेश कुमार सिंह को तैनात किया गया है। वहीं, पूरे मामले की जांच के लिए शासन स्तर से दो सदस्यीय टीम भेजी गई है। टीम ने संप्रेक्षण गृह में हुए उपद्रव और आगजनी की तफ्तीश रविवार से ही शुरू कर दी है। वहीं, गृह के बाहर एहतियातन पुलिस और पीएसी को तैनात किया गया है।
राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह में शनिवार की सुबह छह बजे नल पर भीड़ ज्यादा होने के कारण नहाने में हो रही दिक्कत को लेकर एक किशोर ने केयरटेकर भोलानाथ से कहासुनी शुरू की। इसके बाद भोलानाथ के साथ ही केयरटेकर सुरेंद्र बहादुर सिंह व प्रकाश चंद्र निषाद, रसोइयां संतोष कुमार और सिपाही संदीप कुमार सिंह को किशोरों ने जमकर पीटा और बंधक बना लिया। इसी दौरान परिसर में संविदा कर्मी विकास सिंह की खड़ी बाइक किशोरोें ने फूंक दी। विरोध करने पर विकास का हाथ तोड़ दिया। परिसर के सामान क्षतिग्रस्त कर कार्यालय में रखे कागजात फाड़ दिए। सूचना पाकर 10 थानों की फोर्स और पीएसी के साथ पहुंचे एसएसपी नितिन तिवारी ने स्थिति को नियंत्रित किया। साथ ही बंधक बनाए गए कर्मचारियोें को मुक्त कराकर किशोरों की गणना कराकर उन्हें उनकी बैरक में कराया।
उधर, रविवार को ड्यूटी पर आए पर्यवेक्षक चंद्रबली प्रसाद ने बताया कि वारंट रिकार्ड, चार्ज रजिस्टर, संविदा कर्मी रजिस्टर, प्रवेश रजिस्टर, गार्ड ड्यूटी रजिस्टर सहित कई अन्य महत्वपूर्ण कागजात गायब हैं। बताया कि खोजबीन की जा रही है कि कौन सा कागज कहां है। हालांकि उपद्रव के दूसरे दिन गृह का माहौल सामान्य रहा और किशोर शांतिपूर्वक तरीके से अपनी बैरकों में रहे।
लूट लिए गहने और रुपये, ले गए सामान
रामनगर। उपद्रव के दौरान शनिवार सुबह किशोरों ने संप्रेक्षण गृह की नर्स सरोज सिंह को भी नहीं बख्शा। उनकी आलमारी तोड़कर दवाएं फेंक दी। इसके साथ ही आलमारी में रखा नर्स का बैग उठा ले गए। नर्स ने बताया कि पर्स में सोने के कुछ जेवर, 3470 रुपये और कुछ जरूरी कागजात थे। वहीं, जिन 13 किशोरों को जौनपुर और गाजीपुर की जिला जेल की बाल सेल में शिफ्ट किया गया है वे जाते समय छोटी उम्र के किशोरों का खाने-पीने का सामान, चादर, कपड़े और जूते जबरन छीन ले गए। शिफ्ट किए गए किशोरोें की इस मनमानी पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने रोकटोक नहीं की। इसे लेकर छोटी उम्र के किशोरों में खासी नाराजगी रही। हालांकि छोटी उम्र के किशोरों के बीच रविवार को उपद्रवियों के जाने के बाद खुशी का माहौल भी देखा गया। उधर, जिला प्रोबेशन अधिकारी पीके त्रिपाठी ने किशोरों से मुलाकात की। लगभग एक घंटे तक उन्हें समझाया और कानून के दायरे में रहने की बात कही।
फरार किशोर पहुंचा अपने घर, आज लाएगी पुलिस
वाराणसी। संप्रेक्षण गृह में उपद्रव के दौरान फरार हुआ मछोदरी निवासी किशोर अपने घर पहुंच गया है। इसकी पुष्टि अधीक्षक क्षमानाथ राय ने की। बताया कि युवक गंगा किनारे होते हुए अपने घर पहुंच गया है। सोमवार को पुलिस की मदद से उसे वापस लाकर न्यायालय में पेश किया जाएगा और इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उसे जिला जेल की बाल सेल या संप्रेक्षण गृह में रखने का निर्णय लिया जाएगा।
भोजन, मारपीट और मनमानी सहित सभी बिंदु जांच के दायरे में
वाराणसी। संप्रेक्षण गृह में किशोरों के उपद्रव के पीछे घटिया क्वालिटी का भोजन, कर्मचारियों द्वारा की जाने वाली मारपीट व शोषण और शौचालय व नहाने जैसी सुविधाओं का दुरुस्त न होना प्रमुख वजह मानी जा रही है। यह सभी कारण मजिस्ट्रेटियल जांच कें केंद्र बिंदु हैं। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि किशोरों के उग्र होने की क्या वजह थी। क्या बड़ी उम्र वाले अपने से कम उम्र के किशोरों का शोषण करते हैं। सारे तथ्यों के आधार पर जांच कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी और तब मामले में कार्रवाई होगी। वहीं, दूसरी तरफ उपद्रव को लेकर विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। संभावना जताई गई है कि हफ्ते भर में जिला प्रोबेशन विभाग भी अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप देगा।