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असि नदी के कब्जेदारों ने किसी जेसीबी चलाने का विरोध

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वाराणसी। असि नदी के पुनरुद्धार के लिए पाटों को चौड़ा करने और गहराई बढ़ाने के काम शुरू होने के हफ्ते भर बाद अतिक्रमणकारियों की खामोशी टूटने लगी है। रवींद्रपुरी पुलिया और सहोदरबीर पुल के बीच तलहटी में चल रहे काम को सोमवार को कुछ लोगों ने रोकवाने की कोशिश की। उनका कहना था कि असि तट पर जहां जेसीबी चलाई जा रही है, वह जमीन उनकी है। काम करवा रहे असि नदी मुक्ति अभियान और यमुना मिशन के कार्यकर्ताओं से जमकर नोकझोंक हुई। लंका पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमणकारियों को हटाया, तब जाकर काम आगे बढ़ सका।
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हफ्ते भर से जेसीबी नदी की तलहटी में चलाई जा रही है लेकिन अभी तक विरोध में कोई सामने नहीं आया था। हाल में ही नदी के बीच खड़ी पक्की दीवार जेसीबी से तोड़ दी गई थी। नदी की किनारा घेर कर लगाए गए दरवाजे को भी तोड़कर चौड़ाई बढ़ाई गई थी। रवींद्रपुरी पुलिया के पास जेसीबी से असि नदी की तलहटी की खुदाई के दौरान सोमवार की दोपहर करीब दो बजे कुछ लोगों ने पहुंचकर काम रोकवाने की कोशिश की।उनका कहना था कि जमीन उनकी है। वह जेसीबी नहीं चलने देंगे। वहां काम करा रहे लोगों से उनकी जमकर नोकझोंक भी हुई। असि नदी मुक्ति अभियान के कपींद्र तिवारी ने इस मामले की शिकायत फोन से नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के राष्ट्रीय सलाहकार और पूर्व डीजी(सिविल डिफेंस) आरएन सिंह से की। कुछ देर में ही लंका पुलिस के साथ संकटमोचन चौकी पुलिस भी रवींद्रपुरी पुलिया पर पहुंच गई। पुलिस के दबाव के बाद विरोध करने वाले खिसक गए। यमुना मिशन और अभियान के पदाधिकारियों ने काम रुकवाने आए लोगों को अपना कागज नगर निगम में पेश करने के लिए कहा है। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले नगर निगम ने ही असि नदी की पैमाइश कराकर निशान लगाया था। उसके बाज यमुना मिशन का जेसीबी असि नदी में उतारा गया।
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