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Varanasi News: बीएचयू में बाबा साहेब के नाम पर 10 छात्रों को मिली स्कॉलरशिप, पहुंचे अपर मुख्य सचिव

Wed, 15 Apr 2026 03:52 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी पहुंचे प्रदेश के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने कहा कि शिक्षा ही वास्तविक क्रांति का तरीका है। वहीं प्रो. अहिरवार बोले आंबेडकर जी के योगदान को एक वर्ग तक सीमित न किया जाए।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर माल्यार्पण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीएचयू में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर हुई राष्ट्रीय संगोष्ठी में 10 विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दी गई। अर्हत फाउंडेशन की ओर से समाज के वंचित वर्ग के ही छात्रों को ये सौगात मिली। मंगलवार को केएन उडुप्पा सभागार में समावेशी भारत के निर्माण में शिक्षा, न्याय और समानता में डॉ. आंबेडकर की भूमिका पर छात्रों को कई नई बातें बताईं गईं। 

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कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने बहुत कठिन परिस्थितियों से निकलकर शिक्षा के माध्यम से अपना विशिष्ट स्थान बनाया है। भारतीय संविधान के निर्माण में ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने बहुत बड़ी देश सेवा की है। प्रो. चतुर्वेदी ने प्रैग्मैटिज्म और कंस्ट्रक्टिव क्रिटिसिज्म को लेकर कहा कि समाज के विकास के लिए व्यावहारिक सोच और सकारात्मक आलोचना जरूरी है। विद्यार्थियों के बीच बाबा साहेब के विचारों को फैलाना होगा। क्विज और विशेष व्याख्यान कराए जाएं।

मुख्य अतिथि यूपी के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि शिक्षा ही वास्तविक क्रांति का तरीका है। ये विचारों के जरिए समाज को बदलती है। युवाओं को सकारात्मक सोच, आत्मज्ञान और अपने सामर्थ्य को पहचानकर समावेशी समाज का निर्माण करना होगा। साथ में सपने भी बड़े हों। मुख्य वक्ता विभागाध्यक्ष प्रो. एमपी अहिरवार ने कहा कि बाबा साहेब के योगदान पर बात करते हुए उन्हें सिर्फ एक वर्ग तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए। उन्होंने कृषि को उद्योग का दर्जा देने, संसाधनों के राष्ट्रीयकरण, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय एकता से जुड़े कार्य भी काफी ज्यादा किए।

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संगोष्ठी से बाहर उनके विचारों को अपनाना होगा

छात्र- छात्राओं को दी गई छात्रवृत्ति - फोटो : अमर उजाला
आईएमएस के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कहा कि केवल संगोष्ठियां आयोजित करने से आगे बढ़कर बाबा साहेब के विचारों को दैनिक जीवन में अपनाना होगा। संयोजक प्रो. बीराम ने संस्थान की शैक्षणिक और शोध गतिविधियों की जानकारी दी। इस मौके पर अर्हत फाउंडेशन समाज के वंचित वर्ग के 10 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई। कार्यक्रम में केन्द्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ की कुलसचिव डॉ. सुनीता चंद्रा उपस्थित रही।

डॉ. आंबेडकर के अनुसार बौद्ध लिखना बहुत जरूरी : मुसाफिर
बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती मंगलवार को शहर भर में मनाई गई। अखिल भारतीय अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन के साथ कई संगठनों ने मिलकर डॉ. आंबेडकर स्मारक कचहरी के कार्यक्रम में बहुजन महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष मुसाफिर ने कहा कि अनुसूचित जाति के लोग भारत की जनगणना 2026-27 के धर्म वाले कॉलम में अपना धर्म बौद्ध लिखें। उन्होंने कहा कि आंबेडकर के अनुसार बौद्ध लिखना बहुत जरूरी है। संक्षिप्त इतिहास भी जानना जरूरी है तभी एससी/एसटी के लोग धर्म वाले कालम में बौद्ध लिखेंगे।अशोक कुमार बतौर मुख्य वक्ता रहे। इनके अलावा उषा शास्त्री, नीलम बौद्ध, डॉ पी कनौजिया, मोहन, गोपाल प्रबुद्ध आदि ने अपने विचार रखे।

क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई के क्षेत्रीय अभिलेखागार, विजडम विंग्स पब्लिक स्कूल, ज्ञानपुर, भदोही के संयुक्त तत्वावधान में आंबेडकर की जीवन पर आधारित अभिलेख प्रदर्शनी, पुरातत्व उत्खनन अवशेष की प्रदर्शनी एवं व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि कमर्शियल टैक्स की असिस्टेंट कमिश्नर नेहा सिंह और असिस्टेंट कमिश्नर अरविंद सरोज रहे। मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त शिक्षक राम नारायण यादव व डॉ. बसंत कुमार यादव (डेंटल सर्जन) रहे। दशाश्वमेध स्थित शास्त्रार्थ महाविद्यालय में प्राचार्य व भाजपा नेता डा. पवन कुमार शुक्ला के नेतृत्व में बटुकों ने मंगलाचरण व वेद पाठ के माध्यम से अपनी श्रद्धा समर्पित की। नमामि गंगे ने राजेश शुक्ला के नेतृत्व में सामने घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया। आशीष कुमार ने मलदहिया में जयंती मनाई। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ ने भारत माता मंदिर में मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दी।  
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