वाराणसी। आईआईटी बीएचयू के खेल ग्राउंड अब आईआईटी मुंबई की तर्ज पर संवारे जाएंगे। इनमें एक को एथलेटिक्स ग्राउंड के रूप में विकसित करने के बाद उसे दूधिया रोशनी से जगमग करने की तैयारी है। इसके लि
आईआईटी बीएचयू को 1.25 करोड़ रुपये मिल गए हैं। इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जनवरी के अंत तक यहां फ्लड लाइट लगाने का काम भी शुरू हो जाएगा। यह पूर्वांचल में पहला ऐसा ग्राउंड होगा जहां दिन के अलावा रात में भी मैच हो सकेंगे। आईआईटी बीएचयू के दूसरे ग्राउंड को इनडोर स्टेडियम के रूप में विकसित किया जाएगा।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बीएचयू के छात्र-छात्राओं को अब खेल की भी बेहतर सुविधाएं मुहैया होंगी। परिसर में तीन खेल मैदान हैं। इनमें टेक्नोग्राउंड को एथलेटिक्स ग्राउंड के तौर
पर विकसित किया जाएगा। यहां फ्लड लाइट भी लगाई जाएगी। इस ग्राउंड को अप्रैल तक तैयार कर लेने की योजना है। जबकि, इनडोर किंग्स पवेलियन (जिमखाना) को इनडोर गेम्स स्टेडियम के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां लॉन टेनिस, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, बास्केटबाल, वालीबाल
कैरम, चेस, कबड्डी और स्क्वैश के लिए कोर्ट बनाए जाएंगे। तीसरे ग्राउंड राजपुताना लिंबडी के लिए भी योजना बनाई जा रही है। इन तीनों ग्राउंड की बाउंड्री की मरम्मत होगी और उसे ऊंचा भी किया जाएगा।
खेलों को बढ़ावा देने और छात्र-छात्राओं को बेहतर खेल सुविधाएं प्रदान करने के लिए यह पहल की गई है। इसके लिए धन मिल चुका है। यहां के स्पोर्ट्स ग्राउंड आईआईटी मुंबई के खेल मैदानों की तरह संवारे जाएंगे। इसके लिए आईआईटी मुंबई से बातचीत हो चुकी है। - डॉ. सतीश कनौजिया, स्पोर्ट्स चेयरमैन, आईआईटी बीएचयू