आयोग दावा कर रहा है कि संजय सिंह केस पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में हर पीसीएस परीक्षा में विशेषज्ञ कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर स्केलिंग और मॉडरेशन होता है। हालांकि, अभ्यर्थी आयोग के इस जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे में आयोग ने इस बार हाई पावर कमेटी का गठन कर दिया है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर स्केलिंग होगी। कमेटी में सांख्यिकी से जुड़े विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है, ताकि स्केलिंग को लेकर किसी तरह का भ्रम न रहे।
दूसरी ओर, अभ्यर्थी लगातार यह आरोप भी लगा रहे हैं कि स्केलिंग न होने के कारण मानविकी एवं हिंदी भाषी अभ्यर्थियों के चयन का ग्राफ पीसीएस में तेजी से घट रहा है। इसके विपरीत आयोग के अफसर यह दावा कर रहे हैं कि साइंस के विषयों से चयनित अभ्यर्थियों की संख्या महज तीन से चार फीसदी ही होती है। बाकी मानविकी विषय के अभ्यर्थी ही चयनित होते हैं। आगामी पीसीएस परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद आयोग इस मसले पर भी आंकड़ों सहित स्थिति स्पष्ट करने की तैयारी में है।