पौने दो साल से दिनेश के घर में छाई उदासी अब खुशियों में तब्दील होने जा रही है।
बिछुड़े लाल के वियोग में बिलख रही बूढ़ी मां को मानो जहां भर की खुशी मिल गई जब उसे पता चला कि 14 माह से गुम उसका बेटा दिनेश चंद पाकिस्तान की जेल में बंद है और अब उसकी रिहाई के लिए शासन स्तर पर कवायद शुरू हो चुकी है।
वाकया गाजीपुर जिले के बहरियाबाद क्षेत्र के कस्बा आराजी स्वाद का है। गांव निवासी राम मूर्ति विश्वकर्मा के तीन पुत्रों में दिनेश चंद सबसे बड़ा है। उसके भाइयों में दूसरे नंबर पर रजनीश और तीसरे पर मनीष विश्वकर्मा है।
तीन साल से दिनेश मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। इलाज के दौरान जुलाई 2011 को वह गांव से गुम हो गया। परिजनों ने बहुत खोजबीन की लेकिन कुछ भी पता नहीं चला।
इस बीच नौ मार्च 2012 को वह न जाने कैसे पाकिस्तान पहुंच गया। जहां उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया लेकिन उसके परिजन इस वाकये से पूरी तरह बेखबर रहे।
बूढ़ी मां कौशल्या देवी अपने लाडले के लिए बिलखती रही। पत्नी रुक्मिणी देवी का भी रो-रोकर बुरा हाल था लेकिन बीते शनिवार का दिन इस परिवार के लिए खुशियां लेकर लौटा।
शासन के आदेश पर पाक की जेल में बंद भारतीय दिनेश चंद के बारे में सत्यापन करने खुफिया विभाग के अफसर उसके पैतृक गांव पहुंचे।
यहां खुफिया अफसरों ने उसके बारे में काफी देर तक जांच पड़ताल की। अफसरों ने उन्हें पूरे वाकये की जानकारी दी और बताया कि पाकिस्तान की जेल से रिहाई के लिए शासन स्तर पर कवायद शुरू हो चुकी है। जल्द ही दिनेश के वतन वापसी के आसार है।