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शिक्षामित्रों को 8500 रुपये मानदेय देने की सिफारिश

Tue, 29 Jan 2013 09:53 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
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विधानभवन के सामने प्राथमिक स्कूलों के शिक्षामित्रों के जोरदार प्रदर्शन के बाद बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री से शिक्षामित्रों का मानदेय 3500 रुपये की जगह 5000 रुपये बढ़ाकर 8500 कराने की सिफारिश की है।
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सोमवार सुबह से ही विधानभवन के सामने डेरा डाले शिक्षामित्रों ने मंत्री के इसी पत्र के आधार पर अपना आंदोलन खत्म किया। मंत्री ने ऑनलाइन मानेदय भुगतान व समयबद्ध प्रशिक्षण के लिए भी जल्द कार्यवाही के लिए  शिक्षामित्रों को आश्वस्त किया है।

आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के आह्वान व उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के समर्थन से आयोजित प्रदर्शन में सोमवार को बड़ी तादाद में शिक्षामित्र उमड़े। शिक्षामित्रों ने दस बजने से पहले ही विधानभवन के सामने डेरा डाल दिया। इससे प्रशासन को बापूभवन सचिवालय से हजरतगंज चौराहे के बीच यातायात डायवर्ट करना पड़ा।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र शाही, विश्वनाथ सिंह कुशवाहा, लल्लन मिश्र आदि वक्ताओं ने सरकार की वादाखिलाफी पर आक्रोश जताया और वादे के अनुरूप मानदेय 3500 रुपये से बढ़ाकर 7300 करने और अन्य मांगों पर तत्काल निर्णय लेकर शासनादेश जारी करने की मांग की। शिक्षामित्रों के धरने को संबोधित करने कांग्रेस सांसद जगदंबिका पाल भी पहुंचे। पाल ने कहा कि यदि राज्य सरकार शिक्षामित्रों के मानदेय वृद्धि के संबंध में केंद्र को पत्र लिखती है तो वह पुरजोर पैरवी कर केंद्र से उसे मंजूर कराएंगे।

दोपहर बाद सांसद जगदंबिका पाल के साथ शिक्षामित्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बेसिक शिक्षा मंत्री से विधानभवन स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात की। चौधरी ने मानदेय वृद्धि के संबंध में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डा. एम. पल्लम राजू को सोमवार को ही लिखे गए पत्र के बारे में जानकारी दी।
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प्रमुख मांगें
-3500 रुपये मौजूदा मानदेय को बढ़ाकर अप्रशिक्षित शिक्षक का मानदेय दिया जाए।
-शिक्षामित्रों का प्रशिक्षण समय से कराकर जुलाई 2013 में पहले बैचे को नियुक्ति दी जाए।
-शिक्षामित्र कोटे से विशिष्ट बीटीसी व बीटीसी में चयनित प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षामित्रों को बिना टीईटी सहायक अध्यापक के पद पर तैनाती दी जाए।
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