उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में गंगा-यमुना का जलस्तर बृहस्पतिवार को खतरे का निशान पार कर गया, जिसके बाद प्रशासन ने जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया।
संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन निचले इलाकों में रहने वालों से घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों और बाढ़ चौकियों पर पहुंचने की अपील की है।
रातों-रात बाढ़ प्रभावित इलाकों की संख्या में चार गुना इजाफा हो गया। शहर के कई मुहल्लों और ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने से तबाही मच गई। जिसके हाथ जो लगा, वह साथ लेकर भागा, बाकी बाढ़ की भेंट चढ़ गया।
प्रशासन को कई मुहल्लों और गांवों में नौकाएं उतारनी पड़ी लेकिन हालात पर काबू नहीं पाया जा सका। बाढ़ से शहर में ही तकरीबन 25 हजार परिवार प्रभावित हुए हैं। अब ये परिवार सिर छिपाने के लिए एक ठिकाने की तलाश में हैं।
हालांकि प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों के लिए शहर के चार स्कूलों में बाढ़ राहत केंद्र खुलवा दिए हैं लेकिन लोग घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। प्रशासन ने भी घरों में फंसे लोगों तक भोजन-पानी पहुंचाने में हाथ खड़े कर दिए हैं और लोगों से आग्रह किया है कि अपने घर छोड़कर बाढ़ राहत केंद्र पहुंचे।
प्रभावित इलाकों में एहतियातन बिजली काट दी गई है। बिजली कटने से पेजयल की किल्लत भी शुरू हो गई है।
गंगा-यमुना का रौद्र रूप देखने के लिए त्रिवेणी बांधी, फाफामऊ पुल, यमुना बैंक रोड और झूंसी पुल पर बृहस्पतिवार को दिनभर शहरियों की भीड़ लगी रही। संगम पर उफनाती गंगा-यमुना का कहर शहर के कई इलाकों सहित गांवों पर टूट पड़ा है।
शहर के गंगानगर, छोटा बघाड़ा, सलोरी, द्रोपदी घाट, गौसनगर करेली, बेली, मेहंदौरी और जोंधवल में बाढ़ का पानी घुस चुका है। शाम को मम्फोर्डगंज मलिन बस्ती तक पानी पहुंच गया।
वहीं, बारा तहसील के मझियारी, करछना के खजरौल, भगेसर देहली, महेवा पट्टी पूरब एवं महेश पट्टी पश्चिम, मेजा के अमिलिया खुर्द, हंडिया के बदहौली, फूलपुर के बदरा सोनौटी, दुबावल, ककरा, जमुनी, बेलवा, लीलापुर कला, लीलापुर खुर्द, तिवारीपुर, दक्षिणी कोटवा एवं धोकरी उपरहार में बाढ़ का पानी घुस जाने से तबाही मच गई।
बुधवार को इनमें से सिर्फ चार गांवों में बाढ़ का पानी घुसा था। सबसे बदतर हालत फूलपुर के बदरा सोनौटी गांव की है, जहां प्रशासन की तरफ से आधा दर्जन नौकाएं चलवाई जा रही हैं।
वहीं, शहर में सलोरी, बेली, गंगा नगर और द्रौपदी घाट में भी एक-एक नौका उतारी गई है। लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर बाढ़ प्रभावित इलाकों में एहतियातन बिजली काट दी गई है।
यमुना बैंक रोड पर स्थित उपकेंद्र पानी घुसने के कारण बंद कर दिया गया है। बक्शी बांध उपकेंद्र भी बाढ़ से घिरा हुआ है और किसी भी वक्त बंद किया जा सकता है।
प्रशासन ने शहर के एनी बेसेंट स्कूल, ऋषिकुल इंटर कॉलेज, चेतना इंटर कॉलेज और महबूब अली इंटर कॉलेज में बाढ़ राहत केंद्र खोलकर तकरीबन 200 परिवारों को वहां ठहराया है।
कई परिवार तो वहां अपने मवेशी साथ लेकर पहुंचे हैं। हालांकि तबाही का जो स्तर है, राहत कार्य उसके आगे अभी बौना साबित हो रहा है।
‘सूचना मिली है कि अगले दो दिन जलस्तर और बढ़ सकता है। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन की तैयारियां पूरी हैं। सभी एसडीएम, तहसीदार, लेखपाल सहित बाढ़ राहत कार्य में लगाए गए सभी कर्मचारी मौके पर तैनात हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में घर-घर पहुंचकर राहत पहुंचाना मुश्किल है। इसलिए लोगों से अपील है कि वे अपने घर छोड़ दें और बाढ़ राहत केंद्र में शरण लें। वहां प्रशासन की तरफ से बाढ़ पीड़ितों के लिए बिजली, भोजन, पानी की पूरी व्यवस्था की गई है।’
राजशेखर, डीएम