उत्तर प्रदेश कांग्रेस के लिए यह बहुत बड़ी चुनौती भी है। क्योंकि ग्राम पंचायत के हुए चुनावों के परिणाम में जो प्रदर्शन कांग्रेस का रहा वह बहुत ही निराशाजनक था। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर नजर रखने वाले एसएन शुक्ला कहते हैं कांग्रेस ने 20 दिन में 58 हजार कांग्रेस ग्राम सभा अध्यक्ष बनाने का एलान तो कर दिया लेकिन यह थोड़ा कठिन टास्क दिखता है। उनका कहना है कि कठिन इस मायने में नहीं कि लोग नहीं जुड़ेंगे बल्कि कठिन इस मायने में है कि कांग्रेसी विचारधारा के लोग क्या वास्तव में इससे जुड़ पाएंगे। खासतौर से वह लोग जिन्हें ग्राम सभा का अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा। क्योंकि इतने बड़े मिशन के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कांग्रेसी विचारधारा के लोगों का सामने आना। हालांकि प्रदेश कांग्रेस के नेताओं का कहना है की ग्राम सभा अध्यक्ष के माध्यम से वह ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जुड़ सकेंगे।
कांग्रेस ने इस टास्क के अलावा प्रशिक्षण अभियान को आगे बढ़ाने के लिए 700 ट्रेनिंग कैंप लगाए जाने की योजना बनाई है। जिसे पराक्रम महाअभियान का नाम दिया गया है। इस महाअभियान से दो लाख पदाधिकारियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। कांग्रेस के महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि हर गांव कांग्रेस का अभियान बहुत महत्वपूर्ण है। उनका कहना है इस अभियान से कांग्रेस को एक नई दिशा और मजबूती दी जा सकेगी।