चित्रकूट, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, चाय पर चुनावी चर्चा
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कांग्रेस के कार्यकर्ता मुन्ना पांडे ने कहा कि सड़कों से लोगों को भोजन नहीं मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि इस सरकार में महंगाई चरम पर है। सरसों का तेल 200 रुपये हो गया है। गैस सिलेंडर का दाम बढ़ गया है। जब भाजपा विपक्ष में थी तब समृति ईरानी रोड पर सिलेंडर लेकर बैठती थीं। आज गैस सिलेंडर का 1000 रुपये हो गया है। जितेंद्र मिश्रा ने भी महंगाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार आए दिन गौशाला को लेकर बड़े बड़े दावे कर रही है। यहां भूख, प्यास और ठंड से गायें मर रही हैं और जिंदा दफनाईं जा रहीं हैं। यहां के जिम्मेदार अफसर कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है। जब उन्हें इसके बारे में कहा जाता है तो वे कहते हैं वो गौशाला की गाय नहीं वो आपकी गाय होगी आप रखिए। उन्होंने आगे कहा कि योगी सरकार गाय के प्रति प्रेम जाहिर कर रहे हैं। गाय पराली खाकर मर रही है। भूसे की कोई व्यवस्था नहीं है। हालांकि, उन्होंने वर्तमान सरकार के कामकाज की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि चित्रकूट में तो काम हुए हैं। सड़के बनीं, चित्रकूट का सुंदरीकरण हुआ है।
बाबूलाल पांडे ने कहा कि इस सरकार में सबसे बड़ा काम यह हुआ है कि आतंक समाप्त हुआ है। गौशाला को लेकर उन्होंने कहा कि बगल में गौशाला है आप जाकर देख लीजिए। इसके लिए उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन की दिक्कतें हैं। मुन्ना पांडे ने कहा कि चित्रकुट विश्व की अध्यातमिक नगरी है। विश्व की नंबर 1 तपो स्थली है। यहां अगर तप नहीं किया तो संत अधूरा है। कामदगिरी पर्वत, जब भगवान श्री राम भरत चित्रकूट आए थे, यहां से यह पर्वत दिखने लगा था। इतिहास और प्रमाण है वो घूटनों के बल के चलने लगे थे। इस पर्वत को देखने से चार युग के पाप कट जाते हैं। मगर पर्वत पर सूअर घूमते हैं ये क्या है?
बरदी प्रकाश ने कहा कि इस सरकार में गुंडागर्दी बंद हो गई है। दारू बंद हो गया है। आतंक कम हुआ। यहां पहले व्यापारी पांच बजे के बाद दुकान बंद करके चले जाते थे। नीरज मौर्या ने कहा कि यहां अच्छा काम हो रहा है। शिव कुमार मौर्या ने चित्रकूट पहले से बहुत बदल गया है। रमेश कुमार तिवारी ने कहा कि हमारे यहां जीवन में कभी ये विकास नहीं होना था जो हो गया है। सड़कें बन गई हैं। सबकुछ अच्छा हो गया है। रहमत अली ने कहा कि भाजपा सरकार अच्छा काम करही है लेकिन स्थानीय नेता लापरवाही कर देते हैं। योजनाएं तो बेहतर हैं पर उसे घरातल पर लाने की दरकार है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन को सही रहना होगा।