बांदा, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, युवाओं से चर्चा
- फोटो : अमर उजाला
हॉकी खिलाड़ी रणधीर सिंह ने कहा कि इस सरकार में खेल व खिलाड़ियों को लेकर बहुत कुछ हुआ। खिलाड़ियों के लिए कोई असुविधा नहीं है, जब जिस चीज कि दरकार होती है वह मुहैया करा दी जाती है। बांदा में विकास हुआ है। सड़कें बनी हैं, बिजली आ रही है। हालांकि, उन्होंने कहा कि रोजगार की समस्या है। यहां कोई फैक्ट्री नहीं है।
अभिषेक शुक्ला ने कहा कि बांदा की विकास की बात करें तो सड़कों पर गड्ढे नहीं हैं बल्कि कुएं हैं। मवैई बाईपास को जाकर देख लीजिए। सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। चुनाव के समय में भर दिए गए हैं। फिर वो वैसा ही हो जाएगा। मेडिकल कॉलेज चालू है लेकिन मूलभूत सुविधाओं की कमी है। 108 बेड का अस्पताल कोरोना काल में भी चालू नहीं हुआ, इसका क्या कारण है?
मोहम्मद तौसीब ने कहा कि सबसे ज्यादा समस्या युवाओं के लिए हैं। रोजगार नहीं है। तौसीब ने कहा कि अस्पताल में लंबी लंबी लाइनें लगी रहती हैं, जो दवाइयां लिखी जाती हैं वो अस्पताल में नहीं रहती हैं, बाहर से खरीदना पड़ता है। एक तो लोगों के पास रोजगार नहीं है, पैसे नहीं हैं ऊपर से सराकारी अस्पताल में दवाएं भी नहीं मिलतीं। इस सरकार ने अच्छा काम नहीं किया है, केवल पुराने को काम को अच्छा कर दिया है।
बांदा, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, युवाओं से चर्चा
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मणिकांती नाम की एक छात्रा ने कहा कि हरिजन व पिछड़ी जाति के बच्चे को कोई समझता ही नहीं है। पिछड़ी जाति के बच्चे को मायावती ही समझती हैं। मायावती शादी करवाती हैं, शादी के वक्त पैसे भी दिलवाती हैं, कॉलनियों में घर देती हैं, भाजपा, कांग्रेस दलितों के बारे में कुछ नहीं सोचती। ये चाहते हैं कि हरिजनों के बच्चे आगे न बढ़ें। मैं चाहती हूं कि मायावती की सरकार बने।
वहीं, प्रतिक्षा शुक्ला ने आरक्षण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मेहनत तो सब बच्चे करते हैं फिर आरक्षण क्यों? चर्चा के दौरान 14 साल का यश गुप्ता मोदी और योगी का जबरा फैन निकला। उन्होंने कहा कि मोदी और योगी सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है। इस दौरान उन्होंने सरकार के कई योजनाओं को गिनाया और कहा कि मोदी और योगी के रहते देश बदल जाएगा। वहीं, एक शख्स ने कहा कि हमें वो नेता चाहिए जो जातिगत राजनीति से ऊपर उठकर सबके लिए काम करे।