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यूपी: एक दिन में होंगी लेखपाल के 6000 पदों पर भर्ती

Sun, 12 May 2013 01:06 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
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शासन ने लेखपाल के 6000 पदों पर भर्ती की गाइडलाइन को मंजूरी दे दी है। यह भर्ती पूरे प्रदेश में एक ही दिन और एक ही समय पर आयोजित होगी।
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परीक्षा का आयोजन राजस्व परिषद केंद्रीयकृत स्तर पर करेगा लेकिन चयन कार्यवाही जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में जिला स्तर पर ही होगी।

शासन ने राजस्व परिषद को भर्ती कैलेंडर तैयार कर उसके अनुसार कार्यवाही शुरू करने को कहा है। भर्ती प्रक्रिया अगले महीने से शुरू होने की उम्मीद है।

लेखपाल के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में मंजूरी दी गई।

इस भर्ती प्रक्रिया में वर्ष 2014-15 में सेवानिवृत्ति, पदोन्नति से रिक्त हो रहे लेखपालों के सापेक्ष पदों पर भी भर्ती को मंजूरी दी गई है।

इसके लिए प्रतीक्षा सूची बनेगी जो एक वर्ष तक वैध रहेगी। भर्ती विज्ञापन का प्रारूप राजस्व परिषद तैयार कराकर जिलों को उपलब्ध कराएगा। जिलेवार जिलाधिकारी अपने जिले की रिक्ति के अनुसार विज्ञापन प्रकाशित कराएंगे।

जिलाधिकारियों को राजस्व परिषद से ही स्कैन कराने लायक ब्लैंक आवेदन पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। डीएम भरे हुए आवेदन पत्रों को प्रोसेसिंग के लिए राजस्व परिषद को भेजेंगे।
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इसके बाद परिषद आवेदन पत्रों को स्कैन करवाकर प्रवेश पत्र से लेकर परीक्षा घोषित तक की पूरी व्यवस्था कप्यूटरीकृत कर देगी। शासन ने परीक्षा विशेषज्ञ संस्था के माध्यम से कराने का फैसला किया है।
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इस तरह होगी लेखपाल भर्ती परीक्षा
- परीक्षा वैकल्पिक सवालों और साक्षात्कार के आधार पर होगी। 90 अंक की होगी लिखित परीक्षा।
- एससी/एसटी के लिए परीक्षा शुल्क 150 रुपये, सामान्य व अन्य के लिए 300 रुपये होगी।
- आवेदक की अधिकतम आयु 40 वर्ष होगी।
- कार्बनयुक्त स्कैन योग्य उत्तरपुस्तिकाएं होंगी।
- साक्षात्कार डीएम की अध्यक्षता में गठित चयन समिति करेगी। साक्षात्कार 10 नंबर का होगा।
-डीएम रिजल्ट की घोषणा करेंगे।

वापस होंगे पूर्व आवेदन के पैसे

बसपा सरकार में वर्ष 2009 में लेखपालों के उस समय रिक्त 3200 पदों पर भर्ती शुरू की गई थी। लेकिन भर्ती नहीं हो पाई। आवेदकों के  आवेदन पत्र के सापेक्ष जमा धनराशि वापसी के लिए जिलाधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाएगी।

आवेदकों को निर्धारित छह महीने में आवेदन शुल्क वापस लेना होगा। यदि कोई अभ्यर्थी धनराशि वापस नहीं ले पाएगा तो डीएम वह राशि राजकोष में जमा कर देंगे।
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