चार महीने पहले बड़े भाई ने पूर्व प्रधान को बेची थी साझे की छह बिस्वा जमीन
कहीं और हत्या कर शव खेत में फेंका गया
संवाद न्यूज एजेंसी
नवाबगंज। युवक के हाथ, पैर रस्सी से बांधकर जिस तरह से हत्या की गई उसमें पुलिस कोई बड़ी वजह मान रही है। घर से पांच सौ मीटर दूर खेत में मिला शव कहीं और से लाकर फेंकने का शक है। क्योंकि घटनास्थल पर पुलिस को हत्या से पहले संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। कपड़े भी ऐसी स्थिति में है कि किसी ने लाकर रखे हों। मृतक के बड़े भाई ने छह महीने पहले छह बिस्वा साझे की जमीन पूर्व प्रधान को बेची थी। इस बिंदु पर भी पुलिस जांच कर रही है।
सोहरामऊ थाना के चिलौली गांव निवासी किसान बृजेश तिवारी की हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटीं पुलिस टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार जिस तरह से हत्या की गई है। उससे किसी परिचित के शामिल होने और घटना के पीछे कोई बड़ी वजह का अंदेशा है। जांच में पता चला कि मृतक के बड़े भाई रमेश ने बेटे की शादी के लिए मई 2025 में छोटे भाई बृजेश (मृतक) के साझे की छह बिस्वा जमीन बेची थी। जमीन को पूर्व प्रधान देशपाल ने ही खरीदा। वहीं मंझला भाई राजेश अपने हिस्से की जमीन बेच चुका है और वह लखनऊ में रहता है। मृतक के नाम अभी छह बिस्वा जमीन और है, पुलिस को शक है घटना के पीछे यह जमीन भी वजह हो सकती है।
लोग फुसलाकर करा लेते थे अपने काम
बड़े भाई रमेश के अनुसार मानसिक कमजोर होने से बृजेश की शादी नहीं हुई थी। पुलिस ने गांव में अलग-अलग लोगों से बात की तो पता चला कि मानसिक कमजोर होने से लोग उसे बहला-फुसलाकर अपना काम कराते थे। कभी उसकी शादी कराने के लिए तो कभी कोई फोटो दिखाकर शादी कराने की बात कहते और जो भी चाहते काम करा लेते थे।