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युवक की धारदार हथियार से हत्या

Thu, 25 May 2017 12:46 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला,उन्नाव
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युवक की हत्या की मालिक की पत्नी से जानकारी करतीं एसपी नेहा पांडेय। - फोटो : Amar ujala
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शहर के मोहल्ला पूरन नगर में मंगलवार शाम युवक की धारदार हथियार से हत्या के पंद्रह घंटे बाद पड़ोस में किराए के मकान में रह रहे उसके दोस्त का शव भी घर में पड़ा मिला। इस युवक की हत्या में भी हत्यारों धारदार हथियार से हमला किया है। दो दोस्तों की हत्या से सनसनी फैल गई। मोहल्ले के लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तफ्तीश शुरू की। एसपी और सीओ सिटी भी मौके पर पहुंचे और जांच की। स्निफर डाग की भी मदद ली गई लेकिन कोई खास सुराग नहीं लगा। युवक चार महीने से किराए के मकान में रह रहा था।
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मंगलवार दोपहर से बंद घर का दरवाजा बुधवार सुबह भी न खुलने पर लोगों को शक हुआ। इसके बाद युवक की हत्या की जानकारी हुई। मकान मालिक और मोहल्ले के लोग मृतक का नाम और पता नहीं बता सके। मकान मािलक के मुताबिक जिस रघुराज नाम के युवक की मंगलवार को हत्या हुई थी यह युवक (मृतक) उसी का दोस्त था। रघुराज के कहने पर ही उसने किराए पर कमरा दिया था। दोनों ही युवक गुब्बारे बेचते थे। उधर खुद को रघुराज की फुफेरी बहन बताने वाली महिला फरार है। पुलिस का मानना है कि दोनों की हत्या में महिला भी शामिल है या फिर वह हत्यारों को जानती है। सीओ सिटी ने बताया कि महिला की तालश की जा रही है। उसके भाई व अन्य रिश्तेदारों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

शहर के मोहल्ला पूरन नगर में पंद्रह घंटे के अतंराल में ताबड़तोड़ दो युवकों की हत्या ने सनसनी मचा दी। मोहल्ला पूरननगर निवासी कृष्णपाल बांगरमऊ तहसील में पेशकार हैं। कृष्णपाल का दूसरा प्लाट घर से करीब तीस मीटर की दूरी पर है। उसी प्लाट में एक कमरा भी बना है। चार महीने पहले कृष्णपाल ने मंगलवार को मौत के घाट उतारे गए रघुराज के कहने पर करीब 35 वर्षीय युवक को किराए पर कमरा दिया था। मकान मालिक के मुताबिक रघुराज ने उसे अपना दोस्त और साथ में ही गुब्बारे बेचने का काम करने की जानकारी दी थी।
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मंगलवार को रघुराज की हत्या होने के बाद से जब भीतर से बंद उसके दोस्त के घर का दरवाजा बुधवार सुबह तक नहीं खुला तब लोगों को शक हुआ। मोहल्ले के लोगों ने बाउंड्री से झाकर कर देखा तो कमरे की ड्योढ़ी पर खून के छीटे थे। मकान मालिक को जानकारी हुई तो वह मौके पर पहुंचे और सभासद जागेश्वर भारती के माध्यम से पुलिस को सूचना दी। शहर कोतवाल संतोष तिवारी पहुंचे और जांच की। युवक की गर्दन पर धारदार हथियार से हमला कर मौत के घाट उतारा गया है। एसपी नेहा पांडेय, सीओ हृदेश कठेरिया और फील्ड यूनिट भी पहुंची।

एसपी नेहा पांडेय ने आसपास के लोगों से पूछताछ की लेकिन सभी अनजान बने रहे। पुलिस मकान मालिक कृष्णपाल से जब मृतक के नाम व पता की जानकारी चाही तो उसने भी जानकारी से इनकार कर दिया। उसके मुताबिक रघुराज ने इस युवक को उसके यहां किराए पर कमरा देने को कहा था। मृतक की पहचान न होने से पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है। पुलिस मृतक की पहचान कराने का प्रयास कर रही है। सीओ सिटी हृदेश कठेरिया ने बताया कि खुद को रघुराज (मृतक) की फुफेरी बहन बताने वाली महिला मंगलवार रात से ही फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। महिला के मिलने और पूछताछ के बाद ही दोनों दोस्तों की हत्या करने वालों, हत्या की वजह और दूसरे मृतक के नाम-पता की जानकारी हो पाएगी। बताया कि महिला की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

पंद्रह घंटे के अंतराल में मिले दो दोस्तों के शव
एक ही मोहल्ले में पंद्रह घंटे के अंतराल में हुई दो हत्याओं के पीछे  एक ही माहिला के शामिल होने की बात सामने आ रही है। मंगलवार को माखी थानाक्षेत्र के हमीरपुर गांव निवासी सुधीर उर्फ रघुराज (35) पुत्र स्व. मोतीलाल खून से लतपथ पूरन नगर मोहल्ले में ही रहने वाले रामखेलावन के मकान में पड़ा मिला था। रघुराज के साथ रहने वाली महिला लीलावती निवासी नेवाजगंज कोतवली ने उसे ममेरा भाई बताया था। मृतक रघुराज भी गुब्बारा बेेचने का काम करता था।

स्फिनर डाग भी न दे सका सुराग
बुधवार को खून से लतपथ मिले युवक का शव पुराना होने से स्फिनर डाग भी सुराग नहीं लगा सका। स्फिनर डाग के साथ रही टीम के सदस्यों की माने तो शव पुराना होने से ब्लड की महक खोजी कुत्ते को नहीं आती है। इससे उसे कुछ हासिल नहीं हो सका।

पुलिस को शक फरार महिला बहन नहीं थी
मृतक सुधीर उर्फ रघुराज के साथ रह रही महिला उसकी फुफेरी बहन नहीं बल्कि महिला मित्र थी। माखी थानाक्षेत्र के हमीरपुर गांव निवासी मृतक के भाई धर्मराज पुत्र चंद्रिका ने बताया कि लीलावती उसकी बहन नहीं है। वह रघुराज के साथ रहती थी। उसी के चलते उसने अपनी पहली पत्नी व उससे हुई बच्ची को दस साल पहले ही छोड़ दिया था। उसका विवाह भी दूसरी जगह हो गया। बाद में रघुराज शहर आ गया और लीलावती के साथ रहने लगा। यहीं से उसने दस बिसुआ जमीन, व कुछ पेड़ भी बेच दिए। घर से उसका कोई लेना-देना नहीं है। मृतक रघुराज तीन भाईयों में दूसरे नंबर का था।
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