कोतवाली क्षेत्र के खिन्नी मोड़ के पास तेज रफ्तार वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में माखी थानाक्षेत्र के रायपुर गढ़ी निवासी युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जबकि उसका साथी घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घायल को सीएचसी में भर्ती कराया गया।
मृतक के ममेरे भाई की रविवार को बारात जानी है। उसी में शामिल होने के लिए वह कपड़े लेेने घर जा रहा था। घटना की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। शादी की तैयारियों में जुटे लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। बाइक सवार युवक हेलमेट नहीं पहने थे।
माखी थानाक्षेत्र के रायपुर गढ़ी निवासी दीपक (33) पुत्र रामबिलास पंजाब के चंडीगढ़ में नौकरी करता था। रविवार को दीपक के मामा कृष्णलाल के लड़के कुलदीप निवासी सलेथू बीघापुर की शादी है। शादी में शामिल होने को वह को चंडीगढ़ से घर आया था। शनिवार शाम बहन सीता व गांव में रहने वाले अपने साथी शैलेंद्र (31) पुत्र श्रीकृष्ण के साथ मामा के घर सलेथू गया था। शादी में जो कपड़े दीपक को पहनने थे वह घर पर भूल आया था। शनिवार देर रात वह शैलेंद्र के साथ बाइक से वापस घर लौट रहा था। पुरवा-अचलगंज मार्ग पर खिन्नी मोड़ के निकट पहुंचा ही था कि वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। वाहन की टक्कर लगते ही दीपक व शैलेंद्र उछलकर सड़क पर जा गिरे।
हादसे में दीपक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि शैलेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने के लिए साथ ही घायल को सीएचसी में भर्ती कराया। पुलिस ने परिजनों को घटना की जानकारी फोन पर दी। दीपक की मौत की खबर सुनते ही घर में कोहराम मच गया। परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।
मृतक दीपक के बहनोई रंजीत ने बताया कि वह छह भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। दीपक लोधियाना में रहकर नौकरी करता था और परिवार चलाने में मदद करता था।
कोतवाली प्रभारी कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक के बहनोई रंजीत पुत्र विजय बहादुर निवासी फतेहपुर गंगाघाट ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
मातम में बदलीं खुशियां
जिस घर में रविवार को बारात जाने की तैयारियां चल रहीं थीं। घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे। वहां एक हादसे ने माहौल ही बदल दिया। ढोलक की थाप की जगह चीख की आवाजें सुनाई देेनें लगीं। बारात जाने के लिए आए रिश्तेदार पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। बारात की सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं।