औरास। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यातायात सुरक्षा के इंतजाम शुरू हो गए हैं। औरास क्षेत्र से हसनगंज के बीच 28 किलोमीटर क्षेत्र में 19 जगह कटे और टूटे कंटीले तार की बाड़ (फेंसिंग) व डिवाइडर की जाली दुरुस्त की जा रही है। आने वाले दिनों में एक्सप्रेसवे पर सफर में खतरे कम होने की उम्मीद है।
औरास के दिपवल, पंचमखेड़ा बर्रा, अटिया, गहाखेड़ा, जमालनगर, कोइलियाखेड़ा, बरादेव व हसनगंज के मटरिया, शाहपुर तोंदा, बक्सीखेड़ा, पिछवाड़ा आदि सहित 19 स्थानों पर खतरे वाले स्थान चिह्नित हुए थे। स्थानीय लोगों ने खेतों और आसपास के गांव पहुंचने के लिए शार्टकट के लिए कंटीले तारों की बाड़ और डिवाइडर की सुरक्षा जाली काट दी थी। वाहन दुर्घटनाओं में टूटी सुरक्षा जाली की मरम्मत नहीं हुई थी। 100 से अधिक की रफ्तार से दौड़ते वाहन, एक्सप्रेसवे की सड़क पर इंसानों और मवेशियों की आवाजाही से अक्सर हादसों का शिकार होते हैं।
समस्या को प्रमुखता से उठाने के बाद डीएम गौरांग राठी ने यूपीडा के अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने और वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण के लिए प्रत्येक दो किमी पर कैमरे लगवाने के निर्देश दिए थे। यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी एके चंदेल ने बताया कि सुरक्षा जाली और फेसिंग ठीक कराई जा रही है। इसके बाद कैमरे लगाने का काम होगा।