उन्नाव। ट्रांसगंगा सिटी में यूपीसीडा की कार्रवाई का विरोध करने पर पुलिस की बर्बरता के शिकार हुए किसानों से मिलने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा गठित सपा का प्रतिनिधि मंडल शंकरपुर सरांय गांव पहुंचा। सपा नेताओं ने किसानों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान अधिकांश महिलाएं और बुजुर्ग ही मौजूद रहे। पीड़ितों ने पुलिस के बूटों और लाठियों के वार के निशान दिखाए। सपा नेता, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मंत्री अहमद हसन ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को रिपोर्ट देने, हर वाजिब हक दिलाने और उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष का आश्वासन दिया। किसानों ने उन्हें सात सूत्रीय मांगपत्र दिया।
पूर्व मंत्री अहमद हसन और सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम और एमएलसी सुनील साजन समेत अन्य सपा नेता सोमवार दोपहर एक बजे शंकरपुर सरांय गांव पहुंचे। पंचायत भवन के बाहर किसानों की चौपाल लगाकर समस्याएं सुनीं। महिलाओं ने बताया कि अपना हक मांगने पर पुलिस ने पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को लाठियों से पीटा। आरोप लगाया कि पुलिस ने घर में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट की। किसानों ने सपा नेताओं को बताया कि पुलिस शक के आधार पर लोगों को घर से खींचकर थाने ले जाकर मारपीट कर रही है। बैठक में शामिल शंकरपुर सरांय, कन्हवापुर और मनभौना के किसानों ने सपा नेताओं को मांगपत्र दिया। किसानों की मांग है कि उन्हें भूमि अधिग्रहण कानून 2011-12 के तहत अधिग्रहीत जमीनों का मुआवजा दिया जाए। किसानों को पुनर्वास नीति से वंचित न किया जाए। ट्रांसगंगा के लिए अधिग्रहीत जमीन वाले गांवों में जल निकासी, बिजली और पानी की सुविधा मुहैया कराई जाए। यूपीसीडा द्वारा अधिग्रहीत भूमि पर आ रही बस्ती को खाली न कराया जाए। शनिवार को हुई घटना की सीबीआई या उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। किसानों की बेटियों की शादी में सरकार की ओर से दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। किसानों पर दर्ज किए गए सभी मुकदमें वापस लिए जाएं। इस दौरान पूर्व राज्यमंत्री सुधीर रावत, पूर्व विधायक उदयराज यादव, पूर्व जिला महासचिव राजेश यादव, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रशांत कटियार, सपा नेत्री मनीषा दीपक, मंजीत यादव, किसान नेता मुकेश यादव, जिला पंचायत सदस्य गोविंद यादव, राजेश मिश्रा मौजूद रहे।