असोहा(उन्नाव)। रोजगार सेवक पत्नी को दो वर्षों से मानदेय न मिलने से आहत उसके पति ने बीडीओ और एसडीएम को फोन कर आर्थिक संकट का हवाला देकर आत्मदाह की धमकी दी। एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने धमकी देने वाले को पकड़कर एसडीएम के समक्ष पेश किया। युवक की व्यथा सुनने के बाद एसडीएम ने उसे समझा-बुझाकर शांत कराया और उसे घर भेज दिया।
असोहा थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी युवक ने गुरुवार को एसडीएम पुरवा राजेश चौरसिया और असोहा बीडीओ धर्मेंद्र सिंह को गुरुवार रात 11 बजे फोन कर आत्मदाह की धमकी दी। बताया कि उसकी पत्नी रोजगार सेवक है। पिछले दो वर्षों से उसे मानदेय नहीं मिला। लॉकडाउन के चलते उसे व उसके परिवार को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। आत्महत्या की बात सुनते ही एसडीएम ने एसओ असोहा सुरेंद्र सिंह को युवक को हिरासत में लेने के निर्देश दिए। जिस पर एसओ ने रात में ही युवक को उसके घर से हिरासत में लिया और थाना ले आए।
शुक्रवार सुबह एसडीएम राजेश चौरसिया सीओ रमेश प्रलयंकर के साथ थाना पहुंचे और धमकी देने वाले युवक से उसकी परेशानी की जानकारी ली। उसकी बात सुनते ही एसडीएम ने उसे शीघ्र वेतन भुगतान कराने का भरोसा दिला घर भेज दिया। ग्राम प्रधान अश्वनी मिश्र ने एसडीएम को बताया कि रोजगार सेवक महिला दो वर्षों से काम पर नहीं गई। 5 बार नोटिस भेजकर कार्य पर वापस आने और ना आने पर जवाब मांगा गया, पर न ही उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसलिए उसे कोई मानदेय नहीं दिया जा सकता है। एसडीएम राजेश चौरसिया ने बताया आत्मदाह की धमकी देने वाले युवक को समझाकर घर भेजा गया है। भुगतान के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।