उन्नाव। फर्जी पासपोर्ट बनवाने और जमीनों पर कब्जे सहित कई मुकदमे दर्ज होने से फरार चल रहे इनामी हिस्ट्रीशीटर अंशू गुप्ता व उसके सहयोगियों के खिलाफ शिकायतों की भरमार है। सदर कोतवाली के अलावा अन्य थानों में इसी तरह के प्रकरण पहुंच रहे हैं। एसपी ने ऐसे मामलों की तेजी से जांच और कार्रवाई करने के लिए एंटी फ्राॅड सेल का गठन किया है।
जिले में चर्चित अंशू गुप्ता उर्फ अमित गुप्ता व उसके सहयोगियों के खिलाफ जमीनों पर कब्जे, अवैध खनन, रंगदारी वसूली सहित तमाम गंभीर मुकदमे दर्ज होने के बाद, अब जमीन-जायदाद, रुपये के लेन-देन व धोखाधड़ी के मामले तेजी से आने लगे हैं। एसपी दीपक भूकर ने ऐसे मामलों की सुनवाई और तेजी से जांच पूरी करने के लिए एंटी फ्रॉड सेल का गठन किया है। विवेचक एक सप्ताह में रिपोर्ट देंगे और सख्त कार्रवाई होगी।
एसपी ने बताया कि अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) प्रेमचंद्र को इस सेल का नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं, सीओ सोनम सिंह और डीसीआरबी प्रभारी को सदस्य बनाया है। विवेचक ऐसे प्रकरणों की जांच करके अपनी रिपोर्ट देंगे। इसके बाद सेल के प्रभारी व टीम प्रत्येक शनिवार को बैठक करके आगे की कार्रवाई के लिए निर्णय लेगी।
जानलेवा हमले के मुकदमे में सुनवाई आज
वर्ष 2008 में अंशू व उसके तीन साथियों पर शहर के रामपुरी निवासी दिलीप कुमार को दिनदहाडे़ घेर कर गोली मारने का आरोप लगा था। पीड़ित दिलीप के भाई मनोज कुमार की तहरीर पर सदर कोतवाली में जानलेवा हमला करने और अनुसूचित जाति उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मुकदमा 16 साल से विशेष न्यायालय एससी-एसटी में विचाराधीन है। आज (शनिवार को ) इस मुकदमे की सुनवाई होगी और घटना में घायल हुए दिलीप की जिरह होनी है।
गुंडा एक्ट का नोटिस नहीं हुआ तामील
गुंडाएक्ट में निरुद्ध इनामी अंशू पर जिला बदर कार्रवाई की सुनवाई शुक्रवार को जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय के समक्ष हुई। इसमें जारी किए गए नोटिस का तामीला नहीं हो सका। इस पर न्यायालय ने अगली तारीख नौ मई तय की है, पेश न होने पर उसको दोबारा नोटिस जारी किया जाएगा।