उन्नाव के बक्सर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए मां गंगा की महिमा का गुणगान करते कलाकार।
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उन्नाव। शुक्लागंज गंगाघाट में गंगा रथ यात्रा की प्रस्तावित स्वागत सभा के अचानक रद्द होने से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। राजनीतिक हलकों में कार्यक्रम के आनन-फानन रद्द किए जाने को लेकर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे। हालांकि जिलाधिकारी ने समय अधिक होने से यात्रा का शुक्लागंज ठहराव रद्द कराने की बात कही।
बलिया से चलकर उन्नाव बक्सर पहुंची गंगा रथ यात्रा का शुक्रवार को 8 स्थानों पर स्वागत और शुक्लागंज बालूघाट पर स्वागत सभा का आयोजन प्रस्तावित था। लेकिन जैसे ही रथ शुक्लागंज के मरहला चौराहे पर पहुंचा वैसे ही जिला प्रशासन ने रथ को शुक्लागंज की तरफ न मोड़कर सीधे बैराज की तरफ ले जाने का इशारा किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के मुताबिक, रथ पर भाजपा के एक स्थानीय बड़े नेता भी मौजूद थे। उन्होंने खुद रथ को शुक्लागंज गंगाघाट तक ले जाने को कहा लेकिन प्रशासन ने रथ सीधे आगे बढ़वा दिया। कुछ भाजपाइयों ने यहां पर सवाल उठाया कि शुक्लागंज कार्यक्रम के अचानक रद्द करने की जानकारी प्रशासन ने क्या बड़े नेता को नहीं दी थी। इसी कारण उन्होंने रथ शुक्लागंज की ओर ले चलने को कहा। हालांकि प्रशासनिक व्यवस्था के चलते नेताजी कुछ बोल नहीं सके लेकिन रथ के सीधे बैराज भेजने को लेकर कई चर्चाएं होती रहीं।
हालांकि जिलाधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने शुक्लागंज कार्यक्रम के रद्द कराने को लेकर समय ज्यादा होने और मुख्यमंत्री के कानपुर पहुंच जाने का तर्क दिया। कहा कि बक्सर से यात्रा तो समय से पहले ही सुबह 8:30 बजे के आसपास आगे के लिए प्रस्थान कर गई थी लेकिन बीच में जगह-जगह स्वागत होने से समय ज्यादा लग गया। मरहला चौराहे पर रथ 12 बजे के करीब पहुंचा। इस कारण समय ज्यादा होता देख शुक्लागंज का कार्यक्रम रद्द करके रथ को सीधे बैराज ले जाया गया।