फतेहपुर चौरासी। डेढ़ महीने पहले मार्ग दुर्घटना में मृत डी-फार्मा छात्र अनिल कुमार का शव बुधवार को गंगा में जलस्तर बढ़ने के कारण नहीं निकाला जा सका। परिजन ने दोस्तों पर हत्या का शक जताते हुए पोस्टमार्टम की मांग की थी। जिलाधिकारी के आदेश पर सफीपुर के सरैंया घाट पर शव निकलवाने पहुंची टीम को लौटना पड़ा।
अनिल कुमार की मौत 30 जून 2026 को एक सड़क दुर्घटना में हुई थी। उस समय बिना पोस्टमार्टम कराए शव को सरैंया घाट पर दफना दिया गया था। मृतक के पिता सुरेश ने 27 जुलाई को बेहटामुजावर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने रामसागर, अरविंद और रजनीश पर बेटे को गौरिया कला गांव ले जाने का आरोप लगाया। रात दो बजे अनिल के घायल होने की सूचना मिली थी। जिला अस्पताल से निजी अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी।
जिलाधिकारी ने 10 अगस्त को शव निकलवाने का आदेश दिया था। बुधवार को सफीपुर न्यायिक उप जिलाधिकारी डीपी सिंह और क्षेत्राधिकारी दीपक यादव पुलिस बल के साथ सरैंया घाट पहुंचे थे। जिस स्थान पर शव दफनाया गया था, वहां गंगा का पानी भर गया था। क्षेत्राधिकारी दीपक यादव ने बताया कि जलस्तर अधिक होने के कारण शव को कब्र से नहीं निकाला जा सका। अब जलस्तर कम होने पर दोबारा प्रयास किया जाएगा।