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Unnao News: नौ घंटे ठप रही 10 मोहल्लों की जलापूर्ति

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उन्नाव। बिजली पोल लगाने के दौरान कचहरी के पास पानी की लाइन फट गई। सुबह पांच बजे जलापूर्ति शुरू होते ही रिसाव शुरू हो गया। इससे नौ घंटे तक 10 मोहल्लों की जलापूर्ति ठप रही। नौ घंटे बाद दोपहर दो बजे जलापूर्ति शुरू हुई।
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रीवैंप योजना के तहत शहर में बिजली के पोल और लाइन बदलने का काम चल रहा है। शनिवार रात निर्माण एजेंसी के कर्मचारी नगर पालिका को बिना सूचना दिए जिला सत्र न्यायालय के गेट नंबर एक के सामने बिजली पोल लगा रहे थे। ड्रिल मशीन से खोदाई के दौरान भूमिगत पाइप लाइन फट गई। इससे पानी का बहाव शुरू हो गया। निर्माण एजेंसी के लोग जलकल विभाग को सूचना दिए बिना भाग गए।
सुबह पांच बजे मौहारी बाग ट्यूबवेल से जैसे ही जलापूर्ति शुरू की गई, कुछ ही देर में कचहरी के पास पानी का बहाव शुरू हो गया। जानकारी होने पर पालिका ने जलापूर्ति रोक दी। तेज बहाव से सड़क पर जलभराव हो गया। लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पाइप लाइन फटने से सिविल लाइन, मौहारी बाग, रामपुरी, बंदूहार सहित 10 मोहल्लों की जलापूर्ति ठप हो गई। सूचना पर सुबह करीब 10 बजे जलकल विभाग की टीम पहुंची और पाइप लाइन की मरम्मत शुरू कराई, मरम्मत करते-करते दोपहर के एक बज गए। इसके बाद दोपहर दो बजे जलापूर्ति फिर शुरू की जा सकी।
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सिविल लाइन निवासी अनूप, मुकेश सिंह, सुरेंद्र, मंजेश, मनीष, रेखा देवी, सुशीला, दीपिका आदि ने बताया कि सुबह पांच बजे से नौ बजे तक जलापूर्ति होती है। जिन लोगों के यहां हैंडपंप या सबमर्सिबल लगे हैं उन्हें तो कोई परेशानी नहीं हुई, लेकिन जिन लोगों को केवल जलापूर्ति का ही सहारा है उन्हें बहुत दिक्कत हुई। सुबह पानी न मिलने से दैनिक दिनचर्या भी प्रभावित हुई।

रोज कहीं न कहीं फटती है पाइप लाइन
शहर में कभी अमृत योजना की पाइप लाइन और टेलीफोन लाइन डालने के दौरान तो कभी बिजली के पोल लगाने के दौरान पानी की लाइन फट जाती हैं। गुरुवार को मोहल्ला कासिम नगर में निर्माण एजेंसी के लोगों की लापरवाही से भूमिगत पाइप लाइन फट गई थी। इससे पहले पुलिस लाइन रोड, कृष्णानगर, मोती नगर सहित कई मोहल्लों में भूमिगत पाइप लाइनें फट चुकी हैं। इससे कई-कई घंटे जलापूर्ति प्रभावित होती है।

बोले जिम्मेदार
बिजली, दूर संचार कंपनियों और जल निगम के लोग बिना सूचना दिए रात के समय या छुट्टी के दिन खोदाई कर काम शुरू कर देते हैं। अगर वह पहले से सूचना दें तो उन्हें भूमिगत पाइप लाइनों की जानकारी दी जाए। जहां जरूरत थी टैंकरों से पानी पहुंचाया गया है। दोपहर बाद जलापूर्ति शुरू कर दी गई। अब अगर बिना सूचना खोदाई की गई तो वह काम करा रही एजेंसियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएंगे।
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- विवेक वर्मा, जलकल अभियंता, नगर पालिका।
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