गंगाघाट रेलवे स्टेशन अब पूरी तरह से हाईटेक हो गया है। रेलवे पुल के पास मैन्युअल सिस्टम के रेल फ ाटकों को सोमवार सुबह हटाकर इलेक्ट्रानिक फ ाटक लगा दिए गए है। ट्रेन आते ही फाटक स्वत: बंद हो जाएंगे। सड़क के दोनों ओर लाल हरी बत्ती के संकेतक लगाए गए है ताकि वहां से गुजर रहे लोगों को पहले से ही ट्रेन आने की जानकारी हो जाए। ट्रेनों के बेहतर संचालन के लिए पटरियों को बदलने का सिस्टम भी आटोमैटिक कर दिया गया है। अब एक बटन दबाते ही पटरियां तत्काल बदल जाएंगी। जिससे ट्रेनों की लेटलतीफी भी खत्म हो जाएगी।
बताते चलें कि बेहतर ढंग से रेल संचालन के लिए स्टेशन पर बीते कई महीनों से एसएंडटी विभाग द्वारा कार्य कराया जा रहा था। जो रविवार की शाम को पूरा हो गया। अब एक बटन पर ही रेल पटरियां बदल जाएंगी। कंट्रोल पैनल रूम का उद्घाटन रविवार की रात ही लखनऊ मंडल के डिप्टी चीफ इंजीनियर विकास श्रीवास्तव ने किया। वहीं पुराने एसएस क क्ष में टिकट विंडो के अलावा पूछताछ केंद्र खोले जाने की योजना रेलवे की है। पांच माह से सिग्नल एंड टेलीकॉम विभाग द्वारा स्टेशन के कंट्रोल पैनल बिल्डिंग में रेल संचालन के लिए आटोमैटिक सिग्नल प्वाइंट बदलने का काम चल रहा था। अधिकारियों ने बताया कि यह व्यवस्था लागू होने से जहां मैन पावर कम लगेगा वहीं समय की बचत भी होगी। साथ ही रेल दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। पैनल बिल्डिंग को ही कंट्रोल रूम बनाया गया है जिसकी आपरेटिंग स्टेशन अधीक्षक करेंगे। एक चाभी से पूरा सिस्टम चालू हो जाएगा और रेल पुल से लेकर ऋषिनगर केबिन के बीच पड़ने वाली रेल कैचियां एक बटन दबते ही स्वत: ही बदल जाएगी। पूर्व में इसके लिए मैन्युल व्यवस्था थी। लेकिन अब आटोमैटिक होगी। वहीं खाली हुए एस कक्ष में टिकट विंडो के साथ ही पूछताछ केंद्र भी खोला जाएगा ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।