बांगरमऊ रोडवेज बस स्टैंड के पास एक साथ खड़ी वॉल्बो व रोडवेज बस।
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उन्नाव। निजी वॉल्वो बसों के संचालन ने रोडवेज की कमाई का ग्राफ गिरा दिया है। इसके चलते रोडवेज को हर माह लाखों का घाटा हो रहा है। घट रही कमाई को देखते हुए एआरएम ने निजी वॉल्वो बसों के जगह-जगह होने वाले स्टॉपेज को बंद कराने के लिए एआरटीओ व एसपी को पत्र भेजा है।
उन्नाव से दिल्ली चलने वाली रोडवेज बसों की कमाई प्रतिदिन घटती जा रही है। इसका कारण है कि जिले में 9 वॉल्वो बसों (निजी सवारी वाहन) का संचालन शुरू हो गया है। यह बसें दिल्ली रूट पर ही आती जाती हैं। सुविधाएं अच्छी होने और चालकों के जगह-जगह रोक देने से यात्री इन बसों से सफर करने में अधिक दिलचस्पी दिखा रहे हैं। रोडवेज विभाग के अधिकारी के मुताबिक, दिल्ली रूट पर रोजाना 8 से 9 रोडवेज बसों का संचालन किया जा रहा है। पिछले सप्ताह तक यह बसें अप और डाउन का चक्कर लगाकर प्रतिदिन 45 हजार रुपये लाती थी लेकिन अब प्रतिदिन के हिसाब से 30 हजार की ला रही हैं। जिससे विभाग को प्रति बस 15 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। महीने में 4.50 लाख रुपये का घाटा विभाग को हो रहा है। प्रयासों के बाद भी इस रूट पर आमदनी बढ़ने के बजाय घटती जा रही है। घट रही आमदनी को देखते हुए एआरएम एके उपाध्याय ने एसपी व एआरटीओ को पत्र लिखकर निजी वॉल्वो बसों का स्टॉपेज समाप्त कराने के लिए पत्र लिखा है।
ये है नियम
एआरएम ने बताया कि वॉल्वो बसें लंबी दूरी के लिए संचालित होती हैं। इसमें एक जगह से गंतव्य को जाने वाली सवारियों को बिठाकर वहीं उतारा जाना चाहिए। लेकिन यह संचालक हर स्टॉपेज पर बस रोक देेते हैं। इससे सवारियां उसी से सफर कर रही हैं। इसका असर रोडवेज के संचालन पर पड़ रहा है।
बोले एआरएम
एआरएम एके उपाध्याय ने बताया कि अभी साहिल और गजानन नाम से 9 वॉल्वो बसें दिल्ल्ली रूट से होकर गुजरती हैं। बस चालक जगह-जगह गाड़ी रोककर सवारियां बिठाते और उतारते हैं। इससे रोडवेज बसों की कमाई पर प्रभाव पड़ रहा है।