शुक्लागंज गंगाघाट रेलवे पुल पर मेंटीनेंस कार्य के चलते 11 नवंबर से सात दिसंबर तक कानपुर से रायबरेली के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेनों को निरस्त किया गया था। ट्रैक मरम्मत का काम सात दिसंबर को पूरा होने के बाद लगभग सभी ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। लेकिन रायबरेली पैसेंजर ट्रेनों को 31 जनवरी तक दोबारा निरस्त कर दिया गया। डेढ़ माह से पैसेंजर ट्रेनों के न चलने से हजारों दैनिक यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को युवक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अंकित सिंह परिहार ग्रामीणों के के साथ सुबह करीब दस बजे प्रदर्शन करते हुए तकिया रेलवे स्टेशन पहुंचे। इसी दौरान 10:45 बजे कानपुर से इलाहाबाद जा रही (डाउन) प्रयाग इंटरसिटी स्टेशन पहुंची। आक्रोशित ग्रामीण ट्रैक पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी ट्रेन के इंजन पर चढ़ गए। ट्रेन रोकने की सूचना से रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण व कांग्रेसियों ने किसी की एक नहीं सुनी। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल एसडीएम बीघापुर मृत्युंजयराम को मौके पर भेजा। युवक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने ज्ञापन देते हुए निरस्त ट्रेनों का संचालन शुरू कराने की मांग की। इसके बाद करीब दो घंटे बाद ट्रेन को इलाहाबाद के लिए रवाना किया जा सका। जीआरपी एसओ सीपी सिंह ने बताया कि कांग्रेस नेता अंकित सिंह परिहार सहित सात ज्ञात और कुल पांच सौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
क्षेत्रीय लोगों की मुसीबत
उन्नाव से कानुपर के हजारों दैनिक यात्रियों की लाइफ लाइन कहे जाने वाली रायबरेली पैसेंजर ट्रेनें बीते डेढ़ माह से रदद् है वहीं दूसरी ओर उन्नाव-लालगंज मार्ग भी खस्ताहाल होने लोगों का आवागमन मुश्किल हो रहा है। प्रदर्शन के दौरान ट्रेन रोके जाने से ट्रेन में सफर कर रहे हजारों यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
संचालन न शुरू हुआ तो फिर प्रदर्शन की चेतावनी
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अंकित सिंह परिहार ने बताया कि अगर दो दिन में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि दोनों पैसेंजर ट्रेनों का संचालन कब तक शुरू किया जाएगा। जल्द ट्रेनें नहीं चलाई गईं तो कांग्रेस कार्यकर्ता फिर प्रदर्शन करेंगे।