शुक्लागंज। शंकरपुर में बुधवार को यूपीएसआईडीसी की अधिग्रहीत जमीन पर कब्जा लेने एडीएम के नेतृत्व में गए अधिकारियों को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा था। दोनों तरफ से जोरदार नोकझोंक हुई थी। इस पर अधिकारी बैकफुट पर आ गए थे। और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा था।
इस मामले में यूपीएसआईडीसी के परियोजना अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने 48 नामजद और एक हजार अज्ञात पर बलवा की रिपोर्ट दर्ज की है। वहीं, किसी भी स्थिति से निपटने के लिए गांवों में पीएसी की एक कंपनी के अलावा क्यूआरटी व थाना फ ोर्स की तैनाती करा दी है। उधर, उचित मुआवजे की मांग पर अड़े किसानों और यूपीएसआईडीसी के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है।
कन्हवापुर, मनभौना व शंकरपुर के किसानों ने बुधवार को शंकरपुर मार्ग स्थित पेट्रोल पंप के निकट जमीन पर कब्जा लेने आई यूपीएसआईडीसी के अधिकारियों और कर्मचारियों को खदेड़ दिया था जिसके बाद मोर्चा जिला प्रशासन ने संभाला लेकिन मामला बिगड़ता देख जिला प्रशासन भी बैक फु ट हो गया।
शंकरपुर से सहजनी के बीच पीएसी, क्यूआरटी और थाना पुलिस की तैनाती करा दी। पीएसी की एक कंपनी के करीब 135 से अधिक जवानों ने शंकरपुर में डेरा जमा दिया है। जबकि एक वैन क्यूआरटी के अलावा गंगाघाट थाना का अतिरिक्त फोर्स यहां किसानों की हरकतों पर नजर रखने के लिए तैनात करा दिया गया है।
वहीं, यूपीएसआईडीसी के परियोजना अधिकारी कानपुर एसके गुप्ता ने की तहरीर पर गंगाघाट थाने में कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार, गाली गलौज, जान से मारने की धमकी, सरकारी कार्य में व्यवधान डालना सहित अन्य आरोप किसानों पर लगाए गए हैं। 48 नामजद व 4 सौ महिला व 6 सौ अज्ञात पुरुषों पर बलवा सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। गंगाघाट थानाध्यक्ष मुहम्मद अशरफ ने बताया कि यदि कोई भी किसान नियम और कानून तोड़ेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।