उन्नाव। डलमऊ-बी पंप कैनाल का निर्माण करा रही संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन (यूपीपीसीएल) जिले में इस समय 80 करोड़ से अधिक के निर्माण कार्य करा रही है। संस्था ने पूर्व में देवमई गोशाला बनाई थी। इसके निरीक्षण में भी सीडीओ को मानक तार-तार मिले थे। विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा था। अब सीडीओ ने यूपीपीसीएल के जिले में कराए जा रहे कामों की सूची तलब की है।
शनिवार को सीडीओ प्रेम प्रकाश मीणा ने पंप कैनाल के निर्माण में अनियमितता पकड़ी थी। इस पर उन्होंने सामग्री की सैंपलिंग कराते हुए जांच आईआईटी से कराने के आदेश दिए थे। यूपीपीसीएल के मानकविहीन काम कराए जाने का यह पहला प्रोजेक्ट नहीं है। इससे पहले संस्था द्वारा विकासखंड हिलौली के देवमई में 1.60 करोड़ से गोशाला निर्माण कराया गया था। इसमें सीडीओ को खामियां मिल चुकी हैं।
अगस्त 2024 में किए गए निरीक्षण में सीडीओ को इंटरलॉकिंग धंसी मिली थी। कई स्थान पर गुणवत्ताविहीन कार्य दिखा था। जांच में ईंट, सीमेंट व निर्माण सामग्री से लेकर सरिया के मानक में घालमेल नजर आया था। गोशाला में बने सीमेंट के खंभे मानक के अनुसार, मजबूत नहीं दिखे थे। सीडीओ ने पीडब्ल्यूडी एक्सईएन से निर्माण सामग्री का सैंपल भरवाया था और उसे आईआईटी के माध्यम से परीक्षण कराने के आदेश दिए थे।
इसके अलावा यूपीपीसीएल के एक्सईएन, एई व जेई के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा था। सीडीओ ने बताया कि पंप कैनाल को जोड़ लिया जाए तो यूपीपीसीएल 80 करोड़ से अधिक कार्य करा रही है। देवमई गोशाला में भी काफी खामियां मिली थीं। उसे तो ठेकेदार द्वारा फिर से सही कराया जा रहा है। बताया कि संस्था के कराए जा रहे कार्यों की सूची मांगी गई है। सभी का निरीक्षण किया जाएगा। यदि खामियां मिलेंगी तो कार्रवाई कराई जाएगी।