बांगरमऊ/गंजमुरादाबाद(उन्नाव)। किसानों की मांगों को दरकिनार करते हुए जिला प्रशासन ने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे के दायरे में आ रही भूमि पर कब्जा ले लिया। एसडीएम और भारी फोर्स की उपस्थिति में तहसील की टीम ने एक्सप्रेस-वे के रास्ते में आ रहे पेड़ों को उखाड़ दिया और करीब 28 बीघा जमीन अधिग्रहीत कर ली। बता दें कि क्षेत्र के गांव बहलोलपुर के करीब तीन दर्जन किसानों ने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे के पक्ष में बैनामा नहीं किया था। किसान आठ लाख रुपये के बजाए सरकार से 16 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग करते चले आ रहे हैं। मामला हाईकोर्ट में लंबित है।
ग्राम बहलोलपुर के रामनरेश, प्रदीप, जैदेवी, वसीक खां, लियाकत खां, नबीहसन, अब्दुल खालिक व प्रेम आदि 70 किसानों की जमीनें एक्सप्रेस-वे में आ रही हैं। इन जमीनों का कुल रकबा करीब 16 बीघा है। इसी प्रकार कुछ दूरी पर स्थित पड़ोसी गांव गुलुवापुर के जुम्मन खां, शाहीन बेगम व सगीर खां सहित 22 किसानों की भूमि एक्सप्रेस-वे में आ रही हैं। यह सभी किसान आठ लाख रुपये सरकारी दर पर मुआवजा लेने को तैयार नहीं हैं।
किसानों की मांग थी कि पड़ोसी गांव जगटापुर व नसिरापुर की दर से उन्हें भी 16 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा दिया जाए, लेकिन प्रदेश सरकार इसके लिए राजी नहीं हुई। तब किसानों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां मामला अभी विचाराधीन है। जिसके बाद भारी पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अमला ग्राम गुलुहापुर और बहलोलपुर जा पहुंचा। प्रशासन के पहुंचते ही खेतों में बुल्डोजर गरजने लगे और पल भर में खेतों में खड़े भारी भरकम पेड़ों को धराशायी कर दिया गया।
यह देख किसान मौके पर पहुंचे और वहां मौजूद एसडीएम सरजू प्रसाद शुक्ला से कब्जा रोकने की मिन्नत की। किसानों द्वारा लाख तर्क दिए की मामला अदालत में अंतरिम आदेश के बाद ही उनकी जमीनें अधिग्रहीत की जाएं, लेकिन प्रशासन जरा भी नहीं पसीजा और मात्र चार घंटे के समय में ही करीब पूरी भूमि पर यूपीडा को कब्जा दे दिया। कब्जे के समय एसडीएम सरजू प्रसाद शुक्ला के अतिरिक्त कृषि उत्पादन मंडी सचिव सर्वेश कुमार शुक्ला, पुलिस उपाधीक्षक आरपी यादव, कोतवाल सतीश कुमार गौतम व कई थानों की पुलिस मौजूद रही।