उत्तर प्रदेश के उन्नाव में सेवानिवृत्त आईएएस पर 14 मई को आईटी एक्ट सहित गंभीर धाराओं में दर्ज हुई रिपोर्ट में आईओ ने लखनऊ स्थित उनके आवास जाकर बयान दर्ज किए। उन्होंने सात साल पहले उन्नाव के परियर घाट में उतराते शवों की फोटो अभी की बताते हुए ट्वीट की थी।
14 मई को यूपी कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस सूर्य प्रताप सिंह के खिलाफ सदर कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्र ने परियर घाट में सात साल पहले उतराते मिले सौ शवों की फोटो को अभी बलिया की बताते हुए योगी सरकार के इशारे पर शवों को दफनाने का ट्वीट किया था। इस पर जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने, बलवा कराने के आशय से लोगाें को उकसाने, कूटरचना करने समेत अन्य धाराओ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मामला काफी सुर्खियों में रहा था। सदर कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट की विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर रणजीत सिंह एक अन्य इंस्पेक्टर के साथ सेवानिवृत्त आईएएस के बयान लेने के लिए लखनऊ गए। सेवानिवृत्त आईएएस ने बयान में स्वीकार किया कि ट्वीट उन्होंने किया है, लेकिन उनकी मंशा गलत नहीं थी।