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बेमौसम रिकार्ड बारिश, जरूरत के समय ‘सूखा’

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उन्नाव। इस साल की शुरुआत से अभी तक अन्नदाता प्रकृति की मार ही झेल रहा है। पहले बेमौसम में रिकार्ड बारिश हुई जिसके चलते गेहूं की पैदावार प्रभावित हुई। अब जून-जुलाई में औसत बारिश न होने से धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जाने लगी है।
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मार्च 2020 में 24.75 मिमी बारिश हुई। जबकि कृषि विभाग में इस माह 7.7 मिमी औसत बारिश अच्छी मानी जाती है। वहीं, अप्रैल में औसत बारिश 6.6 मिमी होनी चाहिए लेकिन इस बार 25.25 मिमी बारिश हुई। मई में भी रिकार्ड पानी बरसा। अमूमन इस माह औसत बारिश 9.7 मिमी होनी चाहिए लेकिन मई 2020 में 35.75 मिमी बारिश हुई। बेमौसम में रिकार्ड बारिश से रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं को काफी नुकसान पहुंचा था। कृषि विभाग द्वारा कराई गई क्रॉप कटिंग में गेहूं की उत्पादकता कम होने की जानकारी सामने आई थी। पिछले साल गेहूं की उत्पादकता 38.74 क्विंटल प्रति हेक्टेअर थी जो इस बार घटकर 35.45 क्विंटल रह गई थी।
वहीं, मौजूदा समय में बारिश का मौसम चल रहा है। इस समय खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान को पानी की काफी आवश्यकता होती है लेकिन पिछले दो माह में जिले में औसत बारिश नहीं हुई है। जिसको लेकर किसान परेशान हैं। कृषि विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक, जून माह में 67.8 मिमी बारिश होनी चाहिए लेकिन इस बार मात्र 47.75 मिलीमीटर ही पानी बरसा। वहीं, जुलाई माह में भी औसत के अनुसार बारिश नहीं हुई। इस माह 262.8 एमएम औसत बारिश होनी चाहिए लेकिन मात्र 123.25 मिमी पानी ही बरसा। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं। अब अन्नदाता कम बारिश से धान की पैदावार भी घटने की आशंका से परेशान नजर आ रहे हैं।
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पांच साल पहले भी औसत से ज्यादा हुई थी बारिश
पांच साल पहले 2015 में मार्च, अप्रैल महीनोें में औसत से ज्यादा पानी बरसा था। मार्च में जहां 77.75 मिमी बारिश हुई थी वहीं अप्रैल में 23.75 पानी बरसा था। हालांकि मई माह में 11.50 मिमी बारिश हुई थी। फिर भी यह औसत से ज्यादा थी। वहीं, उस साल भी न जून में औसत पानी बरसा था और ना ही जुलाई में। जून में 34.50 मिमी और जुलाई में 202 एमएम बारिश हुई थी। वहीं, इस साल 2020 में भी यही स्थिति बन गई है। साल के शुरुआत में जहां तीन महीने रिकार्ड पानी बरसा था। वहीं, इधर जरूरत के समय औसत बारिश नहीं हो रही है।
पिछले दो माह नहीं हुई है औसत बारिश
यह सही है कि इस साल मार्च, अप्रैल व मई में औसत से ज्यादा पानी बरसा और इधर पिछले दो माह सामान्य बारिश नहीं हुई है। मौसम में यह उतार-चढ़ाव किसानों के लिए परेशानी पैदा कर रहा है। विभाग इस पर पूरी तरह से नजर रख रहा है। किसानों की हर संभव मदद की जाएगी।
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-कुलदीप मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी उन्नाव।
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