संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। शारदीय नवरात्र के पहले दिन शनिवार को लोगों ने देवी के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा-अर्चना कर सर्व मंगल की कामना की। ब्रह्म मुर्हूत में आरती करते हुए देवी मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कोविड नियमों का पालन कराया गया। सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि मंदिरों में ज्यादा भीड़ नहीं रही।
शहर के बड़े दुर्गा मंदिर में सुबह आचार्य अरुण कुमार त्रिपाठी ने अन्य पुजारियों व पदाधिकारियों के साथ आरती की। आम लोगों के लिए भी दर्शन करने के लिए बारी-बारी से सीढ़ियां चढ़कर कुछ प्रतीक्षा के साथ दर्शन पूजन कराया गया। मंदिर में कोरोना से बचाव के लिए नियमों का पालन कराया गया। सुरक्षा के लिए दो महिला कांस्टेबल व अन्य पुलिस कर्मी मौजूद रहे। हालांकि दोपहर 12 बजे के बाद मंदिर में भीड़ खत्म हो गई। बाईपास स्थित मां पूर्णादेवी धाम परिसर में सुबह से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला चालू हो गया। मास्क व सामाजिक दूरी का कड़ाई से पालन कराया गया। कल्याणी मंदिर में भी सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी बनी रही। लोगों को कतार में खड़ा कराते हुए मुख्य मंदिर में स्थापित मूर्ति के दर्शन कराए गए। प्रसाद का भोग लगाकर अन्य श्रद्धालुओं में वितरण के बजाय उन्हें वापस किया गया। इस बार नवरात्र में भीड़ नहीं रही। शहर के शीतला माता मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। शहर में जगह-जगह बने मंदिरों में भी पूजन हुआ। फतेहपुर चौरासी स्थित मां शीतला देवी मंदिर सहित ऊगू के कामाख्या देवी, झूलूमऊ के फूलमती, पंडाखेड़ा के मंशारानी, लोनार भुवनेश्वरी, लखनापुर के पंचपखारी सहित क्षेत्र के सभी देवी मंदिरों में मास्क पहन कर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए पूजन किया।
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बुजुर्ग व बच्चे नहीं पहुंचे
मंदिरों में भीड़ काफी कम रही। बच्चे व बुजुर्ग मंदिरों में नहीं पहुंचे। मंदिर के आसपास खिलौने की दुकानें भी नजर नहीं आईं। फूल-माला और प्रसाद के अलावा विभिन्न देवी-देवताओं के चित्र बेचने वाले नहीं दिखे।
गरीब महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ रहीं प्रियंका
उन्नाव। नवरात्र में महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए काम करने वाली महिलाओं को भी याद किया जा रहा है।
सिविल लाइंस निवासी प्रियंका चौहान ने गरीब महिलाओं की मदद करने के लिए एक निजी कंपनी की नौकरी छोड़ दी। अपना एक एनजीओ बनाया और उसके माध्यम से महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण शुरू किया। वह गरीब महिलाओं को सिलाई का मुफ्त प्रशिक्षण देते हुए स्वावलंबी बनाती हैं। उन्हें सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के माध्यम से ऋण व अन्य सुविधाएं मुहैया कराती हैं। प्रियंका ने बताया कि उन्होंने एमबीए किया है।
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कल्याणी मंदिर नहीं पहुंच सके श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। कल्याणी मंदिर को जाने वाला प्रमुख मार्ग अवरुद्ध होने से लोगों को मंदिर पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों ने कहा कि अगर पहले से ध्यान दिया जाता तो नवरात्र से पहले रास्ता दुरुस्त हो जाता।
कल्याणी मंदिर को शहर से जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर कुछ दिन पूर्व अमृत योजना के तहत भूमिगत पाइप लाइन डालने का काम शुरू किया गया था। शनिवार से नवरात्र शुरू होने की जानकारी के बाद भी प्रशासनिक और जल निगम के अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। मोहल्ला निवासी अनूप शुक्ल ने बताया कि अधिकारी ध्यान देते तो नवरात्र से पहले क्षतिग्रस्त सड़क दुरुस्त हो गई होती। शुक्रवार रात 12 बजे तक जल निगम की टीम ने मरम्मत कार्य जारी रखा लेकिन काम पूरा नहीं हो पाया। गौरव बाजपेयी ने बताया कि क्षेत्रीय लोगों के दबाव में जल निगम ने सड़क की मरम्मत कराई है। जलनिगम के एक्सईएन केके कटियार ने बताया कि रविवार तक पूरी सड़क की मरम्मत पूरी हो जाएगी।