छात्रा से मांगा गया जवाब
उन्नाव के गिरिजाबाग इलाके की रहने वाली छात्रा रश्मि सविता ने बताया कि आयकर विभाग, चंडीगढ़ की ओर से आयकर अधिनियम की धारा 131(1ए) के तहत उसे समन जारी किया गया। समन में 20.98 करोड़ रुपये के कथित आय और व्यापारिक लेनदेन के संबंध में जवाब मांगा गया था।
छात्रा बोली- फर्म से मेरा कोई लेना देना नहीं
रश्मि के अनुसार, मामले की जानकारी जुटाने पर पता चला कि दिल्ली के बुराड़ी इलाके में आरएस एंटरप्राइजेज नाम से एक फर्म उसके आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर चलाई जा रही थी। यह फर्म 15 जनवरी 2025 को शुरू हुई और 9 मई 2025 को बंद कर दी गई। छात्रा का कहना है कि उसका इस कंपनी या किसी भी प्रकार के कारोबार से कोई संबंध नहीं है और उसे इसकी कोई जानकारी नहीं थी।
छात्रा के पिता दिहाड़ी मजदूर
रश्मि के पिता अजय शंकर दिहाड़ी मजदूर हैं। परिवार का कहना है कि उन्होंने कभी कोई कंपनी नहीं बनाई और न ही करोड़ों रुपये का कोई कारोबार किया। उन्हें आशंका है कि किसी ने उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी कंपनी बनाकर बड़े पैमाने पर वित्तीय लेनदेन किए हैं।
छात्रा ने आयकर को भेजा जवाब
छात्रा ने बताया कि उसने आयकर विभाग को अपना जवाब भेज दिया है। साथ ही जन शिकायत पोर्टल पर आधार और पैन कार्ड के दुरुपयोग की शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा पुलिस को भी प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
अब पुलिस और संबंधित एजेंसियां दस्तावेजों के दुरुपयोग, फर्जी कंपनी के संचालन और करोड़ों रुपये के लेनदेन की जांच में जुटी हैं।