उन्नाव। गंगा नदी में उफान ने तटीय क्षेत्रों में हड़कंप मचा दिया है। नरौरा से पानी छोड़े जाने से चौबीस घंटे में गंगा के जलस्तर में 95 सेंटीमीटर चढ़ा है। इससे सदर तहसील के शुक्लागंज, परियर के अलावा बांगरमऊ, सफीपुर, फतेहपुर चौरासी सहित नदी से सटे क्षेत्रों में नदी रेती में बोई गई फसल और नदी से सटे खेतों की फसल जलमग्न हो गई है।
नरौरा बांध से हर दूसरे-तीसरे दिन छोड़े जा रहे पानी से गंगा नदी उफान पर है। मंगलवार शाम को शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 108.650 मीटर रिकार्ड किया गया था। बुधवार को यह 109.600 मीटर पर पहुंच गया। चौबीस घंटे में 95 सेंटीमीटर पहुंच गया। जिले के सीमा क्षेत्र में गंगा नदी 84 किमी क्षेत्र में हैं। नदी के किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोग लगभग हर साल बाढ़ का कहर झेलते हैं। गंगा नदी के जल स्तर में हो रही बढ़ोत्तरी लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। शुक्लागंज के मोहल्ला रविदास नगर व आसपास कटान होने से यहां रहने वाले करीब दो हजार लोगों की धड़नें तेज हो गई हैं। तेज बहाव से किनारे की मिट्टी कट रही है और नदी का फैलाव बस्ती की ओर बढ़ता जा रहा है।
रेती में बोई गई सब्जी की फसलें जलमग्न
जलस्तर बढ़ने से गंगा रेती में बोई गई सब्जी की फसले जलमग्न हो गई हैं। वहीं, गंगा बैराज से पानी रुका होने से सिकंदरपुर सरोसी, फतेहपुर चौरासी, बांगरमऊ, सफीपुर, गंजमुरादाबाद क्षेत्र में गंगा का पानी फैलने लगा है। रेती और नदी के किनारे स्थित खेतों तक पानी पहुंचने से मक्का व सब्जी आदि की फसलों को नुकसान पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
सदर तहसील के परियर, देविपुरवा, बंदन पुरवा, लाल्तूपुरवा, माना बंगला, बाबू बंगला, महानंदपुरवा, बेनीपुरवा, कोलवा, अतरी, पनपथा, पटियारा सहित अन्य गांवों के लोग बाढ की आशंका को लेकर परेशान हैं।
नदी का जलस्तर बढ़ने से कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग पर ग्राम हिंदूपुर गांव के पास बन रहे तीन साल बाद बनना शुरू हुए लघु सेतु का निर्माण भी रुकने की आशंका बढ़ गई है।
डीएम की सख्ती के बाद शुरू किए कटान रोकने के प्रयास
शुक्लागंज संवाद प्रतिनिधि के अनुसार गंगा का जलस्तर बढ़ने से रविदास नगर में कटान तेज हो गई है। फटे जियो बैग बदलने की गलत रिपोर्ट पर डीएम ने रविवार कानपुर सिंचाई विभाग के अधिकारियों की क्लास ली थी। बुधवार को सिंचाई विभाग की टीम ने कटान रोकने के लिए जीओ बैग लगाने और ड्रेजिंग के लिए मशीनें लेकर पहुंची है।