फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीएम को फटे मिले जियो बैग, ठेकेदार पर एफआईआर के निर्देश

विज्ञापन
शुक्लागंज के रविदासनगर में गंगा के बढ़ते जलस्तर से हो रही कटान का जायजा लेते डीएम रवींद्र कुमार। - फोटो : UNNAO
विज्ञापन
उन्नाव। गंगा के बढ़ते जलस्तर से कटरी क्षेत्र के मोहल्लों में हो रही कटान का जायजा लेने पहुंचे डीएम रवींद्र कुमार को जियो बैग फटे मिले। उन्होंने सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही जियो बैग डालने वाले ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन

पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश के बीच गंगा नदी में 24 घंटे पहले बैराज कानपुर से 10 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर बढ़ गया और किनारों पर कटान भी शुरू हो गई। कटान की चपेट में आए शुक्लागंज के मोहल्ले रविदास नगर में रह रहे सैकड़ों परिवारों की धड़कनें तेज हो गई। रविवार शाम डीएम रवींद्र कुमार रविदास नगर मोहल्ले के किनारे हो रही कटान का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां बाढ़ को रोकने के लिए लगाए गए अधिकांश जिओ बैग फटे व बर्बाद मिले। इस पर डीएम ने जिओ बैग लगा दिए जाने की गलत रिपोर्ट व कार्य शिथिलता पर सहायक अभियंता यांत्रिक बैराज पुनीत चौधरी को जमकर फटकार लगाई।
डीएम ने सहायक अभियंता से दो टूक कहा कि डेढ़ साल में ही जियो बैग फट गए। इसमें बरती गई लापरवाही की रिपोर्ट प्रमुख सचिव को भेजी जाएगी। डीएम ने कहा कि एक सप्ताह में कार्य पूरा कराकर रिपोर्ट दें। वहीं, कटान रोकने के लिए डाले गए जियो बैग कार्य में घोर लापरवाही बरतने व गलत सूचना देने में कार्यदायी एजेंसी के ठेकेदार के खिलाफ एफ आईआर दर्ज कराने के निर्देश सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता उन्नाव खंड शारदा नहर रमेश कुमार, अवर अभियंता उन्नाव खंड शारदा नहर जयप्रकाश सहित अन्य विभागीय अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन

सभी बांधों का निरीक्षण कर लें
डीएम ने संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है। अधिशासी अभियंता बाढ़ को निर्देश दिया है कि वे जिले में स्थापित सभी बांधों का बारीकी से अपने टीम के साथ निरीक्षण कर लें। कहीं मरम्मत की जरूरत हो तो तत्काल करा दें। संवेदनशील बांधों पर पैनी नजर रखें। सभी बंधों के उचित स्थान पर पर्याप्त बोल्डर, बालू की बोरी एवं नाइलान की व्यवस्था करें। उपजिलाधिकायों को निर्देशित किया है कि बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव में राहत शिविर की स्थापना के साथ अधिकारियों-कर्मचारियों की तैनाती कराएं।
नाव, नाविक की सूची तैयार करने के निर्देश
नाव एवं नाविक की सूची, ब्लॉक एवं ग्राम आपदा प्रबंधन समिति का गठन, जीवनरक्षक उपकरण, मोटरबोट आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। उन्होंने विद्युत विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिया कि बाढ़ क्षेत्र में बिजली के खंभे एवं तारों को मजबूत करें। बाढ़ आने की स्थिति में विद्युत आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था भी करें। सीएमओ को निर्देश दिया है कि सभी बाढ़ चौकियों पर स्वास्थ्य टीम की व्यवस्था के साथ बरसात के दिनों में होने वाली संक्रामक बीमारियों से बचाव की व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखा जाए।
विज्ञापन

एक नजर आंकड़ों पर
-84 किलोमीटर लंबाई में फैला गंगा कटरी क्षेत्र
-अक्तूबर 2010 और सितंबर 2011 में आई थी बाढ़
-कटरी क्षेत्र के 300 गांव प्रभावित हुए थे
-2010 में सेना, 2011 में पीएसी की मदद ली गई थी
-रविवार शाम तक गंगा का जलस्तर 109.080 मीटर
-चेतावनी बिंदु 112 मीटर
-खतरे का निशान 113 मीटर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें