उन्नाव। बेसिक शिक्षा कार्यालय के लेखा विभाग में तैनात दो बाबुओं समेत छह पर कानपुर कोतवाली में पैसों के घालमेल की रिपोर्ट दर्ज हुई है। दोनों बाबुओं ने शिक्षक की पत्नी से मिलकर पारिवारिक न्यायालय कानपुर का फर्जी आदेश बनाकर 90 हजार रुपये महिला के खाते में भेज दिए। वेतन कम आने पर शिक्षक ने पता लगाया तो जानकारी हुई।
कानपुर चकेरी के सनिगवां निवासी धीरेंद्र कुमार सिकंदरपुर सरोसी ब्लॉक के गांव बंदाखेड़ा प्राइमरी स्कूल में प्रधान शिक्षक हैं। पहली पत्नी की मौत के बाद उन्होंने शुक्लागंज के गायत्रीनगर निवासी सुनीता द्विवेदी से वर्ष 2014 में विवाह किया था। बाद में दोनों में आपसी विवाद हो गया और मामला न्यायालय पहुंच गया। 10 अगस्त 2017 को कानपुर पारिवारिक न्यायालय ने पत्नी को प्रतिमाह 5000 रुपये गुजारा भत्ता का आदेश दिया। शिक्षक धीरेंद्र कुमार ने बताया कि पत्नी ने अपने परिवार के लोगों के साथ मिलकर 5 अप्रैल 2019 को पारिवारिक न्यायालय नंबर 4 कानपुर का बीएसए उन्नाव के नाम 60 हजार रुपये एकमुश्त खाते में भेजने का फर्जी आदेश तैयार करा उन्नाव बीएसए कार्यालय के लेखा विभाग में दिया।
आरोप है कि पत्नी ने लेखा विभाग के लिपिक प्रदीप निगम, अरुण कुमार की मिलीभगत से उनके वेतन खाते से 90 हजार रुपये अपने (पत्नी) के खाते में ट्रांसफर करा लिए। खाते में रुपये कम होने पर लेखा विभाग में आपत्ति लगाई तो लिपिकों ने न्यायालय का आदेश देने में ही डेढ़ साल लगा दिए जिसके आधार पर उन्होंने उनके खाते से रुपया पत्नी के खाते में भेजा। 23 सितंबर 2020 को आदेश की फोटो कॉपी दी। संबंधित न्यायालय में आदेश की पुष्टि कराई गई तो पता चला कि न्यायालय से ऐसा कोई आदेश जारी ही नहीं हुआ।
पूरी तरह पुष्टि होने के बाद शिक्षक धीरेंद्र कुमार ने कानपुर सदर कोतवाली में तहरीर देकर उन्नाव बीएसए कार्यालय में तैनात लेखा विभाग के दोनों लिपिकों सहित छह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। लेखाधिकारी मनोज गुप्ता ने बताया कि मामला जानकारी में आया है। पैसा खाते में कैसे ट्रांसफर कर दिया गया। इसकी जांच करा रहे हैं।