उन्नाव। जिले में गेहूं खरीद की स्थिति काफी खराब होती जा रही है। एक तरफ जिन किसानों ने अपनी उपज बेची थी उनको भुगतान के लिए केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ उठान न होने से क्रय केंद्रों पर हजारों एमटी गेहूं डंप होने से खरीद बंद है। अन्नदाता को उपज बेचने के लिए केंद्र की भागदौड़ करनी पड़ रही है।
लंबित भुगतान 19 करोड़ के पार
जिला खाद्य विपणन कार्यालय से मिले आंकड़ों के मुताबिक, 29 मई तक 28055 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। विभागीय दावा है कि 7032 किसानों से गेहूं खरीदा जा चुका है। इनको 55.41 करोड़ का भुगतान किया जाना था लेकिन मात्र 36.15 करोड़ ही खाते में भेजे जा सके हैं। अभी भी 19.19 करोड़ का भुगतान लंबित है। इसमें पीसीएफ संस्था का सबसे ज्यादा 15.79 करोड़ का बकाया है। इस संस्था के सबसे ज्यादा 53 क्रय केंद्र खुले हैं और 4784 किसानों से खरीद की गई है। इसके बाद भी भुगतान में सबसे पीछे है। कई किसानों को तो उपज बेचे 15 दिन से अधिक का समय हो गया लेकिन खाते में भुगतान नहीं पहुंचा है। सूत्रों के मुताबिक, करीब ढाई हजार किसान बेचे गए गेहूं का भुगतान पाने को केंद्रों के चक्कर लगा रहा है।
52 सौ एमटी डंप होने से गेहूं खरीद भी बंद
शासन ने इस बार जिले को गेहूं खरीद का लक्ष्य नहीं दिया है। इसके बाद भी अब तक 28 हजार से अधिक एमटी की खरीद की जा चुकी है। इसके सापेक्ष भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को मात्र 22725 एमटी की ही डिलीवरी की जा चुकी है। उठान में लापरवाही का आलम यह है कि अभी भी केंद्रों पर 5291 एमटी गेहूं रखा हुआ है। कई गोदाम आकार में काफी छोटे हैं। जिस कारण वहां पर गेहूं डंप होने से अब रखने को जगह नहीं बची है। इन केंद्र प्रभारियों ने उठान न होने तक गेहूं खरीदने से मना कर दिया है और अघोषित रूप से खरीद बंद कर रखी है। जिससे नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। जरूरत पूरी करने के लिए काफी संख्या में किसान खुले बाजार में 1500 से 1600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचने को मजबूर हैं।
अधिकारी बोले
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी यूपी सिंह ने बताया कि पीसीएफ संस्था पर सबसे ज्यादा किसानों का भुगतान लंबित है। संस्था के जिला प्रबंधक सहित सभी खरीद एजेंसियों को जल्द से जल्द भुगतान करने को कहा गया है। साथ ही ठेकेदार को क्रय केंद्रों में डंप गेहूं को जल्द से जल्द उठान करा कर गोदाम भेजने को कहा गया है। ताकि खरीद प्रभावित न हो। बताया कि गेहूं खरीद प्रभावित न हो इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।