उन्नाव। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नगर क्षेत्र सहित चार और ब्लॉकों में कस्तूरबा स्कूल खोलने की तैयारी है। स्कूल खोलने के लिए प्रत्येक ब्लॉक में पांच एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। इसके लिए बीएसए ने डीएम से संबंधित एसडीएम के माध्यम से जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है।
अभी तक जिले के 13 ब्लॉक ऐसे थे जहां बालिका साक्षरता दर कम है। वहां कक्षा 6-8 तक कस्तूरबा स्कूलों का संचालन किया जा रहा था। प्रत्येक स्कूल में 100 छात्राओं के नामांकन के हिसाब से 1300 छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं। लेकिन अब सरकार इन स्कूलों का संचालन इंटरमीडिएट तक करने जा रही है। नई गाइडलाइन के तहत अब साक्षरता दर को ध्यान न रख बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने पर अमल किया जा रहा है। जिले में अभी तक नगर क्षेत्र, सिकंदरपुर कर्ण, बीघापुर व सुमेरपुर ऐसे ब्लॉक थे जहां साक्षरता दर 90 प्रतिशत से अधिक होने से कस्तूरबा स्कूल संचालित नहीं थे। लेकिन अब यहां भी कक्षा 6-12 तक बा स्कूलों का संचालन किया जाएगा। एक स्कूल के लिए पांच एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। इससे गरीब वर्ग की छात्राओं को पढ़ने का मौका मिलेगा और उनकी प्रतिभा उभर कर सामने आएगी।
बीएसए प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि जमीन के लिए डीएम के माध्यम से एसडीएम को पत्र लिखवाया गया है। जितनी जल्द वह जमीन उपलब्ध करा देंगे। नए कस्तूरबा स्कूलों के बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
बड़े ब्लॉकों में जरूरत पड़ने पर बनेंगे दो ‘बा’ स्कूल
सरकार की योजना है कि जिले के जो ब्लॉक बड़े हैं उनमेें दो कस्तूरबा स्कूल बनाए जा सकते हैं। ताकि कोई भी बालिका पढ़ाई से वंचित न रहे और उसे पास में ही पढ़ाई का मौका मिल सके। बेसिक शिक्षा विभाग इसको लेकर भी बीडीओ के माध्यम से सर्वे कराएगा। ताकि ब्लॉक की आबादी की पता चल सके।