गंजमुरादाबाद। श्रीरामलीला मैदान में चल रहे 11 दिवसीय श्रीरामलीला महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को भगवान श्रीराम के जन्म की लीला का मंचन हुआ। कलाकारों ने राजा दशरथ को पुत्र प्राप्ति की चिंता और पुत्रेष्टि यज्ञ के बाद चारों राजकुमारों के जन्म का प्रसंग प्रस्तुत किया। मंचन देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
मंचन में दिखाया कि राजा दशरथ एक दिन दर्पण देखते हैं तो उन्हें अपनी बढ़ती उम्र का एहसास होता है। पुत्र प्राप्ति न होने से वह चिंतित हो जाते हैं। अपनी पीड़ा राजगुरु वशिष्ठ को बताते हैं। इस पर गुरु वशिष्ठ उन्हें पुत्रेष्टि यज्ञ कराने की सलाह देते हैं। यज्ञ के बाद मिले प्रसाद को राजा दशरथ तीनों रानियों कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा को देते हैं। इसके बाद चारों राजकुमारों राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का जन्म होता है। भगवान श्रीराम के जन्म होते ही अयोध्या में खुशियां छा जाती हैं। राजा दशरथ खुशी से झूम उठते हैं ।भगवान श्रीराम के जन्म की लीला का मंचन देख मैदान में मौजूद दर्शक भावविभोर हो गए। (संवाद)