फैक्टरी में जांच करते सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह। संवाद
सोनिक। दही थाना क्षेत्र के चांदपुर में बुधवार को ग्रामीणों के हंगामे के बाद बृहस्पतिवार को डीएम के निर्देश पर गठित टीम ने स्लाटर हाउस और पशु आहार फैक्टरी की जांच की। स्लाटर हाउस के पीछे परिसर में खुले में जानवरों की खाल और हड्डियां पड़ी मिलीं। मौके पर कोई व्यक्ति नहीं मिला। इस पर टीम ने परिसर को सील कर दिया।
चांदपुर के ग्रामीणों ने बुधवार को पशु आहार फैक्टरी के बाहर हंगामा कर स्लाटर हाउस से खुले में पानी बहाने का आरोप लगाया था। ग्रामीणों का कहना था कि गंदे पानी के कारण धान की फसल खराब हो रही है और दुर्गंध से परेशानी हो रही है। इस पर डीएम घनश्याम मीणा के निर्देश पर एडीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह, एसडीएम, कृषि विभाग, सीवीओ और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम गठित की थी।
टीम ने बृहस्पतिवार को स्लाटर हाउस के अभिलेखों की जांच की और खुले में बहाए जा रहे पानी का प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नमूना लिया। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पशु आहार बनाने वाली फैक्टरी के अभिलेखों की भी जांच की गई। कृषि विभाग की टीम फसल नुकसान और प्रभावित किसानों की संख्या का सर्वे कर रही है।
सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह ने बताया कि खुले में खाल और हड्डियां मिलने वाले परिसर को सील कर दिया है। इसका संचालन कौन कर रहा था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पानी के नमूने की रिपोर्ट के आधार पर स्लाटर हाउस पर कार्रवाई होगी। फसल नुकसान का सर्वे पूरा होने के बाद किसानों को मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।