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Unnao News: लोन नदी उफनाई, शहर के शिवनगर में चल रही नाव

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शिवनगर में भरे पानी में नाव से आवागमन करते बच्चे व महिला। संवाद
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उन्नाव। तीन दिन बाद बारिश भले थम गई हो लेकिन शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या जस की तस है। शहर के बाहर से निकली लोन नदी में पानी बढ़ जाने से हाईवे से सटे शिवनगर मोहल्ले में भीषण जलभराव है। लोग घरों में कैद हैं। जरूरी काम से निकलने के लिए चंदा कर किराये पर नाव की व्यवस्था की है। उधर, लोकनगर में भी जलभराव है। नगर पालिका का जनरेटर कुछ ही देर में बंद हो गया। लोगों ने चंदा कर डीजल भरवाकर जनरेटर चलाकर पानी निकलवाया।
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शिवनगर मोहल्ले में करीब छह फीट पानी भरा है। रास्ते डूबने से मुश्किलें भी बढ़ गईं। मोहल्लेवासियों ने पुरवा क्षेत्र से नाव 50 रुपये प्रतिदिन के किराये पर मंगवाई। बिछिया से नाव चलाने के लिए तीन हजार रुपये में नाविक को बुलाया। आशीष दीक्षित, अमित व राहुल ने बताया कि क्षेत्र की स्थितियां बहुत खराब हो गई हैं। न जिला प्रशासन ने किसी प्रकार की मदद की है और न ही नगर पालिका प्रशासन ने। पीने का पानी दूर से लाना पड़ रहा है। इसके लिए नाव का सहारा लिया जा रहा है। किसी प्रकार के अन्य कामों के लिए भी नाव से ही आना-जाना पड़ता है।
उधर, लोकनगर में लगातार चौथे दिन जलभराव की समस्या का हल नहीं निकल सका। कहने को तो नगर पालिका प्रशासन ने पंप सेट भिजवाया लेकिन क्षेत्रीय लोगों अनिल सिंह, बबलू पांडे, शिवम दीक्षित, मुहम्मद मुकीम, रमेश कुमार, संतोष सोनी और भूपेंद्र गौतम ने आरोप लगाया कि जो डीजल था, वह दो घंटे में ही खत्म हो गया था। इसके बाद डीजल नहीं आया तो हम लोगों ने चंदा करके मंगवाया। इस पर करीब आठ घंटे चला। जलभराव इतना ज्यादा था कि पूरा नहीं निकल पाया और पंपसेट बंद हो गया। इससे जलभराव की समस्या से निजात नहीं मिल सकी। नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा का कहना है कि शिवनगर में जो जलभराव है, वह लोन नदी के उफनाने से है। जलभराव की समस्या से निजात दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। लोकनगर में पंपसेट खराब हो गया था। इसी कारण बंद हुआ था। उसे सही कराकर दोबारा चला दिया गया है। जल्द ही जलभराव की समस्या समाप्त हो जाएगी।
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फोटो-24-अंडरपास में भरा पानी। संवाद
25-रेलवे पटरी पार करके स्कूल जाती छात्रा। स्रोत: ग्रामीण
अंडरपास में जलभराव, जान जोखिम में डाल पटरी पार कर रहे बच्चे
फतेहपुर चौरासी। फतेहपुर चौरासी रेलवे हाल्ट के पास बने अंडरपास में बारिश का पानी भरने से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को परेशानी हो रही है। रास्ता बंद होने पर बच्चे और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर रेलवे पटरी पार करने के लिए मजबूर हैं। कानपुर-बालामऊ रेलमार्ग पर बने अंडरपास में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश के बाद पानी भर जाता है। जलभराव से वाहन भी नहीं निकल पाते। ऐसे में लोग रेलवे पटरी पार कर आते-जाते हैं।
अंडरपास से सादुल्लापुर, सेलापुर, फकीरेखेड़ा और डडिया सुनौरा समेत कई गांवों के लोगों का आवागमन होता है। सादुल्लापुर के ग्राम प्रशासक जितेंद्र राजपूत, उमाशंकर और इंद्रपाल ने बताया कि अंडरपास में पानी भरने से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। रेलवे विभाग से जलनिकासी की व्यवस्था कर जलभराव की समस्या दूर कराने की मांग की है। (संवाद)

फोटो-26-रसूलपुर बकिया के बाहर बनी दुकानों में भरा बारिश का पानी। संवाद
सई नदी का पानी घरों और दुकानों में घुसा
हसनगंज। सई नदी का जलस्तर कम नहीं हो रहा है। मंगलवार को निचले इलाकों में बने घरों और दुकानों में पानी भर गया है। इससे दुकानों में रखा सामान खराब होने से लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। घरों में पानी भरने के कारण लोग गृहस्थी का सामान सुरक्षित स्थानों पर रखकर दूसरे स्थानों पर रहने को मजबूर हैं।
सई नदी का जलस्तर बढ़ने से मोहान खुर्द, तकिया मोहल्ला, रसूलपुर बकिया, अहमदपुर टकटोली और बिचपरी गांव के कुछ हिस्से प्रभावित हुए हैं। एसडीएम शालिनी सिंह तोमर ने बताया कि बीते दिनों हुई बारिश से सई नदी का जलस्तर बढ़ा है। निचले हिस्सों में बने घरों और दुकानों में पानी पहुंच रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से लोगों से जलभराव वाले स्थानों पर न जाने की अपील की गई है। जिन खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान हुआ है, उनका आकलन कराकर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।

फोटो-27-बहलोलपुर-गंजमुरादाबाद मार्ग पर भरे पानी से गुजरते लोग। संवाद
कल्याणी में आए गंगा के पानी से 22 गांवों में स्थितियां खराब
गंजमुरादाबाद। हरदोई जिले से गंगा का पानी कल्याणी नदी में आने से बाढ़ प्रभावित 22 गांवों में स्थितियां खराब हैं। ग्राम बेहटाकच्छ, शिवलालपुरवा, कुशराजपुर, भिलोई, बाजीपुरवा, इच्छापुरवा, लोनारी, देवरिया लहरापुर, छोट्टापुरवा, कछियनपुरवा, पकरियापुरवा, तकिया, चिंगरपुरवा और बहलोलपुर के साथ ही फतेहपुर खालसा और फतेहपुर हामजा में पानी भरा है।
फतेहपुर हामजा और फतेहपुर खालसा के घरों में भी पानी पहुंचा है। गंजमुरादाबाद के नजदीक बाढ़ का पानी पहुंच जाने से कस्बे के भी किसानों की धान और उड़द की फसलें जलमग्न हो गई हैं। लहरापुर-कछियनपुरवा, लहरापुर- चिंगरपुरवा, लहरापुर-ककरियापुरवा, गंजमुरादाबाद-बहलोलपुर संपर्क मार्गों पर करीब तीन फिट पानी भरने से ग्रामीणों का संपर्क टूटा है।
एसडीएम बृजमोहन शुक्ला ने बताया कि बीडीओ को बाढ़ का जायजा लेने और रिपोर्ट देने के लिए कहा है। उधर, एसडीएम के आदेश पर बीडीओ पंकज गौतम ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। बाढ़ पीड़ितों को गहरे पानी और कल्याणी नदी से दूर रहने की चेतावनी दी। बताया कि जांच रिपोर्ट एसडीएम को देंगे। उधर, कल्याणी के बढ़े जलस्तर से फतेहपुर चौरासी की ग्राम पंचायत हयासपुर में फसलें डूब गईं। ग्राम प्रशासक रमा यादव ने बताया कि किसान राजेश, कमलेश, हरीराम की मक्का, प्रेम की मूंगफली, स्वामी शंकर यादव, दरियाई, इंद्रजीत की धान की फसल प्रभावित है। गांव ख्वाजगीपुर के किसान मुन्नू, श्रीराम, गया बाबू व नरेश की धान की फसलें डूबी हैं।

शिवनगर में भरे पानी में नाव से आवागमन करते बच्चे व महिला। संवाद

शिवनगर में भरे पानी में नाव से आवागमन करते बच्चे व महिला। संवाद

शिवनगर में भरे पानी में नाव से आवागमन करते बच्चे व महिला। संवाद

शिवनगर में भरे पानी में नाव से आवागमन करते बच्चे व महिला। संवाद

शिवनगर में भरे पानी में नाव से आवागमन करते बच्चे व महिला। संवाद

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